दोनों टीमों के बीच दूसरा टेस्ट मैच भी चेन्नई के मैदान में ही है, ऐसे में अब लोगों के जेहन में सवाल है कि क्या इस मैच में भी पिच और टॉस ही जीत में निर्णायक भूमिका निभाएंगे? ऐसा हो तो सकता है, लेकिन ये तथ्य हमेशा के लिए नहीं है. भारत इसी पिच पर चौथी पारी में बल्लेबाजी करता हुए 387 रन बना चुका है. और मैच में जीत हासिल कर चुका है. लेकिन ये मान्यता है कि चेन्नई में स्पिन का जादू जमकर चलता है. पहले टेस्ट में हालांकि भारतीय स्पिनर इंग्लैंड के बल्लेबाजों को इतना परेशान नहीं कर सके. जितनी उनसे उम्मीद थी.
भारत क्यों हिचक रहा है ऑस्ट्रेलिया जैसी ट्रैक बनाने में
यूं तो किसी भी टेस्ट में पांचवें दिन का खेल काफी अहम होता है. और कोई भी टीम नहीं चाहती कि उसे पांचवें दिन बल्लेबाजी करनी पडे. लेकिन अभी हाल में हुई ऑस्ट्रलिया और भारत की टेस्ट सीरीज में आखिरी दोनों टेस्ट में भारतीय बल्लेबाजों ने जुझारू प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रलिया को उसके ही घर में हारने पर मजबूर कर दिया. पहले सिडनी में पांचवें दिन भारतीय बल्लेबाजों ने रुककर टेस्ट ड्रॉ करा दिया फिर ब्रिसबेन में पांचवें दिन रिषभ पंत ने दूसरे बल्लेबाजों के साथ मिलकर भारत को निर्णायक जीत दिला दी.
दुविधा में टीम मैनेजमेंट
टीम कॉम्बिनेशन को लेकर टीम मैनेजमेंट दुविधा में दिख रहा है. न ही वह स्पिन को लेकर बोल्ड फैसले ले पा रहा है और न ही वह ऐसे ट्रैक की मांग कर पा रहा है, जिस पर तेज गेंदबाज कमाल दिखा सकें.