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इंदौर7 मिनट पहले
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बस में ऑपरेशन के लिए जाते हुए बुजुर्गो को
इंदौर नगर निगम द्वारा बुजुर्गों को शहर से बाहर छोड़ने की शर्मनाक घटना के बाद, अब दूसरा मामला स्वास्थ विभाग का आया है। यहां भी मानवता शर्मसार होती नजर आई है। देपालपुर से आंखों की जांच करवाने आए बुजुर्गों को चोइथराम नेत्रालय की बस में ठूंस-ठूंस कर जानवरों की तरह भरा गया। बस में सीट पर बैठने वालों से ज्यादा खड़े होकर आए। वे भी ब्रेक लगने पर सीट पर बैठे लोगों पर गिरते-पड़ते रहे। मोतियाबिंद ऑपरेशन के नाम पर स्वास्थ्य विभाग लूटने की स्वास्थ्य विभाग की यह कोशिश अमानवीयता से भरी रही। बता दें कि पहले भी इंदौर के एक नेत्र अस्पताल में आंख फोड़वा कांड हुआ था, जिसमें बड़ी लापरवाही सामने आई थी।
घटना मंगलवार की है, जहां देपालपुर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्र से आए नेत्र मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देपालपुर में आंखों की जांच की गई थी। जांच के बाद मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए मरीजों को चोइथराम अस्पताल भेजा गया था। हालांकि चोइथराम नेत्रालय की बस में बुजुर्गाें को लेकर आने में प्रशासन और अस्पताल के प्रबंधक कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई है। बस में बजुर्गों को जानवरों की तरह ठूस कर भरा गया। बेबस बुजुर्ग ऐसी ही हालत में सफर करने को मजबूर थे।
करीब 40 किलोमीटर का लंबा सफर इसी प्रकार से बुजुर्गों ने किया। बस में सवार मरीजों का कहना था कि हमें जांच के लिए ले जाया जा रहा है। वहीं, बस कंडक्टर और ड्राइवर की माने तो लोग खुद अपनी मर्जी से इतनी संख्या में चढ़कर बैठ गए। मामला सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों का कहना कि मामले की जांच करवाकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करेंगे। वहीं, ब्लाक मेडिकल ऑफिसर अस्पताल की बजाय सीएचएमओ ऑफिस इंदौर मीटिंग में व्यस्त थीं।

बस में सवार बुजुर्गों को जब नीचे उतारा गया तो उन्होंने राहत की सांस ली।