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- Ishant Sharma Kapil Dev | Coach Shravan Kumar Exclusive Interview To Dainik Bhaskar; Speaks On Kapil Dev Match Record
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चेन्नई25 मिनट पहलेलेखक: राजकिशोर
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टीम इंडिया के तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ने टेस्ट करियर में 300 विकेट पूरे कर लिए। यह उपलब्धि उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में हासिल की। डैनियल लॉरेंस उनका 300वां शिकार बने। इस उपलब्धि पर इशांत के कोच श्रवण कुमार काफी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उनका मानना है कि इशांत अभी थमने वाले नहीं हैं।
श्रवण ने भास्कर से कहा कि इशांत टेस्ट क्रिकेट में कपिल देव को पीछे छोड़ सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय तेज गेंदबाज भी बनेंगे। इशांत सिर्फ 32 साल के हैं और कम से कम 40 टेस्ट और खेल सकते हैं। कपिल देव के नाम 434 टेस्ट विकेट हैं।
गलती स्वीकार करना इशांत की खासियत
श्रवण कुमार ने कहा, ‘इशांत की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे अपनी गलती को स्वीकार करना जानते हैं। साथ ही वे अपनी गलती को सुधारने के लिए मेहनत भी करते हैं। जब उन्हें खराब प्रदर्शन के लिए टीम से ड्रॉप कर दिया गया, तो वे मेरे पास आए और मुझसे बात की। मैंने बताया कि उनका एक्शन पहले की तरह नहीं है। उन्होंने फिर कुछ दिन इस पर वर्क किया और दोबारा टीम में वापसी की।’
इशांत को फिटनेस पर देना होगा ध्यान
कोच ने कहा, ‘इशांत को अपने को फिट रखना होगा और लगातार शानदार प्रदर्शन करना होगा। टीम में अभी उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी नहीं हैं। उनकी वापसी के बाद प्लेइंग इलेवन में उसी खिलाड़ी को मौका मिलेगा, जो फिट होगा और विकेट लेगा। अभी इंडियन टीम की बेंच स्ट्रेंथ भी काफी मजबूत है। शार्दूल ठाकुर और मोहम्मद सिराज जैसे गेंदबाज भी मौजूद हैं, जो टीम की जरूरत के हिसाब से बल्लेबाजी भी कर सकते हैं। ऐसे में प्लेइंग इलेवन में लगातार जगह बनाना इशांत के लिए बड़ी चुनौती होगी।’
कोच के पास इसलिए आए थे इशांत ताकि स्कूल में एडमिशन हो सके
उन्होंने बताया, ‘इशांत को मेरे पास एक स्टूडेंट लेकर आया था। दरअसल इशांत गंगा इंटरनेशनल स्कूल में 11वीं में एडमिशन लेना चाहते थे। वे मेरे पास इसलिए आए थे ताकि उनका एडमिशन स्पोर्ट्स कोटे से हो सके। मैंने पूछा कि आप क्रिकेट में क्या करते हो। उसने बताया कि मैं गेंदबाजी करता हूं। वह बाथरूम स्लिपर पहने हुए थे। जब मेरे कहने पर उसने गेंद फेंकी तो उसकी स्पीड हैरान करने वाली थी। उसके पास नेचुरल पेस था। फिर मैंने उनका एडिमशन गंगा इंटरनेशनल स्कूल में करा दिया। आगे जो हुआ, वह सबके सामने है।’
सीनियर खिलाड़ी नाराज हो गए थे
कोच ने कहा, ‘जब इशांत को अपने क्लब में मौका मिला तो कई सीनियर खिलाड़ी नाराज हो गए। उनका कहना था कि मैं उन्हें नजरअंदाज कर इशांत को इतनी कम उम्र में मौका दे रहा हूं। मैं उनसे कहता था कि यह इंटरनेशनल खेलेगा। हालांकि किसी को यह नहीं लगता था कि इतनी कम उम्र में उसे इंडियन टीम से मौका मिल जाएगा। मुझे भी उम्मीद नहीं थी कि 19 साल में ही उसे इंडियन टीम के लिए खेलने का मौका मिला जाएगा।’