दो प्रोफेसर के बीच शीत युद्ध: एंथ्रोपोलॉजी के डीन, HOD के बीच खींचतान बढ़ी, दोनों ने एक-दूसरे को दिए नोटिस, डीन ने कुलपति से की HOD पर कार्रवाई की मांग

दो प्रोफेसर के बीच शीत युद्ध: एंथ्रोपोलॉजी के डीन, HOD के बीच खींचतान बढ़ी, दोनों ने एक-दूसरे को दिए नोटिस, डीन ने कुलपति से की HOD पर कार्रवाई की मांग


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सागर4 मिनट पहले

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डॉ. हरीसिंह गौर केन्द्रीय विवि का मानव विज्ञान विभाग। (फाइल फोटो)

  • डॉ. हरीसिंह गौर केन्द्रीय विश्वविद्यालय के मानव विज्ञान विभाग का मामला।
  • दोनों प्रोफेसर के बीच चल रही तकरार, विभाग को बनाया कुश्ती का अखाड़ा।

डॉ. हरीसिंह गौर केन्द्रीय विश्वविद्याल में बड़े पद पर बैठे दो प्रोफेसर के बीच शीत युद्ध जारी है। दोनों ने विवि के मानव विज्ञान विभाग (एंथ्रोपोलॉजी) को अपनी आपसी खींचतान का अखाड़ा बनाकर रखा है। ताजा मामले में एक-दूसरे पर आरोप छुट्टी के दौरान डिपार्टमेंट विभागाध्यक्ष विहीन रहने और बिना सूचना के अवकाश पर जाने के लगे हैं। इसके बाद एंथ्रोपोलॉजी के डीन ने HOD को और HOD ने डीन को नोटिस जारी कर एक-दूसरे से जवाब मांगा है। इस मामले की शिकायत कुलपति से की गई है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

अवकाश को लेकर एक-दूसरे के बीच ठनी
एंथ्रोपोलॉजी के डीन प्रो. केकेएन शर्मा ने एक दिन पहले बुधवार को विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश गौतम को नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा था लेकिन जवाब के बजाय विभागाध्यक्ष ने उलटा डीन को ही एक दिन बाद नोटिस थमा दिया। डीन प्रो. केकेएन शर्मा ने प्रो. राजेश गौतम के नाम जारी नोटिस में कहा कि आप 6 और 7 फरवरी को मुख्यालय से बाहर थे। इस दौरान डिपार्टमेंट विभागाध्यक्ष विहीन रहा। इसके साथ ही 5 से 10 फरवरी तक लगातार 6 दिन आप आकस्मिक अवकाश पर रहे। नियम के मुताबिक इतना अवकाश नहीं ले सकते। डीन ने प्रो. गौतम के इस कृत्य को कदाचार बताया और नोटिस देकर 24 घंटे में जवाब मांगा।
HOD ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की कही बात
डीन से नोटिस मिलने के बाद विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश गौतम ने भी गुरुवार को प्रो. केकेएन शर्मा को नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा है। नोटिस में कहा है कि प्रो. शर्मा 4 और 5 फरवरी को बिना सूचना दिए मुख्यालय से नदारद रहे। जिससे शिक्षण और शोध कार्य प्रभावित हुआ। प्रो. शर्मा ने अपना अवकाश का आवेदन कुलपति के माध्यम से भेजा, जबकि आवेदन विभागाध्यक्ष के माध्यम से भेजा जाता है। नोटिस में प्रो. शर्मा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही गई है। 24 घंटे में जवाब न मिलने पर एक तरफा कार्रवाई की चेतावनी दी है।

कुलपति से की वैधानिक कार्रवाई की मांग
HOD प्रो. राजेश गौतम से नोटिस मिलने के बाद प्रो. केकेएन शर्मा ने इसकी शिकायत कुलपति प्रो. जेडी आही से की है। जिसमें प्रो. शर्मा ने कहा है कि विभागाध्यक्ष पर प्रशासनिक नियंत्रण डीन का होता है। विवि अवकाश के समय मुख्यालय छोड़ने की अनुमति संबंधित डिपार्टमेंट के डीन के द्वारा दी जाती है। आगे आरोप लगाते हुए कहा गया है कि प्रो. राजेश गौतम ने अनुमति के आवेदन के बिना मुख्यालय छोड़कर कदाचार किया है। इस संबंध में जब उन्हें नोटिस दिया गया, तो उन्होंने जवाब देने के उलट डीन को ही नोटिस थमा दिया। जो कदाचार की श्रेणी में आता है। HOD पर वैधानिक कार्रवाई की अनुशंसा की जाती है।

इस मामले को लेकर जब विवि की कुलपति प्रो. जेडी आही से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने एंथ्रोपोलॉजी डिपार्टमेंट का नाम सुनते ही फोन काट दिया। इसके बाद उन्हें दोबारा फोन लगाया गया, तो उन्होंने फोन अटैंड ही नहीं किया। तो वहीं डीन प्रो. केकेएन शर्मा का कहना है कि मैं सीधा कुलपति को रिपोर्ट करता हूं। विभागाध्यक्ष के अधीन नहीं आता। इसलिए HOD मुझे नोटिस जारी कर जवाब नहीं मांग सकते। तो वहीं विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश गौतम का कहना है कि मैंने अपने सब-कोऑर्डिनेट प्रो. केकेएन शर्मा को नोटिस दिया है। मैंने डीन के नाते उन्हें नोटिस नहीं दिया। यदि वे डिपार्टमेंट से बाहर जा रहे थे, तो उन्हें हेड के नाते मुझे सूचना देनी थी। HOD के मार्क से ही एप्लीकेशन आगे बढ़ानी थी। कुलपति से की गई शिकायत की मुझे कोई जानकारी नहीं है।



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