नई दिल्ली. स्पिनरों की मददगार पिच पर इंग्लैंड के खिलाफ शनिवार (13 फरवरी) से शुरू हो रहे दूसरे क्रिकेट टेस्ट में भारतीय टीम अपनी गलतियों से सबक लेकर उतरेगी, क्योंकि कप्तान विराट कोहली को बखूबी पता है कि यहां कोताही बरतने का मतलब विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल में स्थान गंवाना होगा. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ऐतिहासिक जीत का खुमार इंग्लैंड को हाथों पहले टेस्ट में 227 रन से मिली हार के साथ ही उतर गया. अब आने वाले तीन मैचों में भारत के लिए गलती या आत्ममुग्धता की कोई गुंजाइश नहीं होगी. आमतौर पर दबाव में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कोहली को भी बतौर कप्तान अपने फन का लोहा मनवाना होगा. इस मैच से दर्शकों की मैदान पर वापसी होगी और यह भारतीय टीम के लिए ‘टॉनिक’ का काम कर सकता है. भारत को विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल में प्रवेश के लिए दो मैच जीतने हैं और एक भी गंवाना नहीं है.
दोनों टीमें इस प्रकार हैं:
भारत : विराट कोहली (कप्तान), अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा, शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, ऋषभ पंत, रविचंद्रन अश्विन, जसप्रीत बुमराह, इशांत शर्मा, मोहम्मद सिराज, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, हार्दिक पंड्या, मयंक अग्रवाल, केएल राहुल, ऋद्धिमान साहा, शार्दुल ठाकुर.
इंग्लैंड : जो रूट ( कप्तान ), डोमिनिक सिब्ली, रोरी बर्न्स, ओली पोप, डैन लारेंस, बेन स्टोक्स, बेन फोक्स, मोईन अली, क्रिस वोक्स, स्टुअर्ट ब्रॉड, जैक लीच, ओली स्टोन.
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