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इंदौर4 घंटे पहले
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फाइल फोटो
इंदौर नगर निगम के द्वारा दो जोनल कार्यालयों पर पदस्थ छह अधिकारियों को निलंबित कर देने का नोटिस जारी किया गया है। इन अधिकारियों से 3 दिन में जवाब मांगा गया है। इन अधिकारियों के द्वारा प्राइमरी सीवरेज लाइन की सफाई के काम पर ध्यान नहीं दिया जाना उन्हें भारी पड़ रहा है।
नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल के द्वारा हरसिद्धि के जोनल कार्यालय क्रमांक 12 के जोनल अधिकारी मनोज जैन, ड्रेनेज सुपरवाइजर, अरविंद खोड़े तथा उपयंत्री पंकज शर्मा को नोटिस जारी किया गया है इसके साथ ही जोनल कार्यालय क्रमांक 15 के उपयंत्री वसीम खान राजेश चड्ढा और योगेंद्र गंगराड़े को भी नोटिस जारी किया गया है इन सभी को जारी किए गए नोटिस में इनके द्वारा कार्य के निर्वहन में बढ़ती जा रही लापरवाही को स्पष्ट करते हुए कहा गया है कि क्यों न उन्हें निलंबित कर दिया जाए। इस बारे में इन सभी से 3 दिन के अंदर जवाब मांगा गया है।
इस नोटिस में कहा गया है कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 को ध्यान में रखते हुए शहर की प्राइमरी सीवरेज लाइन के चेंबरों की सफाई संबंधित कार्य के बारे में बैठकों में निर्देश दिए जाने के बाद भी आपके द्वारा इस कार्य के सही तरीके से क्रियान्वयन में समुचित ध्यान नहीं दिया गया जो कि कार्य के प्रति लापरवाही और उदासीन रवैया को स्पष्ट करता है इसके अलावा कार्य के संबंध में आपके द्वारा गलत और भ्रामक जानकारी दी गई जिन स्थानों पर कार्य की प्रगति तुलनात्मक रूप से संतोषजनक पाई गई है वही कार्य के संपादन में विलंब की स्थिति निर्मित हो रही है।
आपके द्वारा इस कार्य में सही तरीके से नियंत्रण और पर्यवेक्षण नहीं किए जाने के कारण चेंबर सफाई का कार्य स्तर में भी गिरावट हुई है यह स्थिति निश्चित तौर पर स्वच्छता सर्वेक्षण के कार्य के लिए जारी किए गए निर्देशों की अवहेलना है।इस नोटिस में कहा गया है कि आपके द्वारा आवंटित दायित्व का समुचित तरीके से निर्वहन नहीं करते हुए प्राइमरी सीवरेज लाइन की सफाई संबंधी कार्य का ध्यान देकर बराबर नहीं कराया गया। आपके द्वारा स्वैच्छिक कार्य प्रणाली के आधार पर काम किया जा रहा है जो कार्य के प्रति लापरवाही को स्पष्ट करता है। इस बारे में बार-बार जो निर्देश दिए गए उसका भी आपके द्वारा पालन नहीं किया गया। इस स्थिति को देखते हुए क्यों न मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के प्रावधानों के अंतर्गत आप को निलंबित कर दिया जाए।
नगर निगम के द्वारा पहली बार काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी का निर्धारण किया जा रहा है। अब तक तो यह होता रहा है कि अधिकारियों के द्वारा काम नहीं किया जाता है फिर भी फर्जी रिपोर्ट बनाकर निगम मुख्यालय में भेज दी जाती है। उस रिपोर्ट को आधार मानकर अधिकारियों को बेहतर कार्य करने वाला मान लिया जाता है। अब पहली बार ऐसा हो रहा है जब गलती करने वाले अधिकारियों को इस तरह नोटिस देकर उन पर निलंबन की गाज गिराने की तैयारी की जा रही है।