इंदौर जिले के बेटमा नगर के समाजसेवी,प्रकृति प्रेमी औऱ पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रामनिवास दाऊ की पहचान इससे भी बड़ी है. लोग उन्हें स्नैक मैन के तौर पर जानते हैं. वो न केवल सांपों को पकड़ते हैं बल्कि उन्हें सकुशल जंगल में छोड़कर भी आते हैं.वे इस काम के लिए 24 घंटे तैयार रहते हैं. यदि आधी रात में भी कोई कॉल आ जाता है तो दाऊ फौरन चल पड़ते हैं. उन्हें सांप पकड़ने के लिए इंदौर तक बुलाया जाता है. वे ये काम निशुल्क करते हैं. यदि कोई सांप पकड़ने के बदले रुपये देता भी है तो उन रुपयों को वो गरीब बच्चियों के लिए पढ़ाई का सामान खरीदने के लिए कन्याशाला भिजवा देते हैं.
दामाद को सांप ने डस लिया था
रामनिवास दाऊ बताते हैं कि कुछ साल पहले उन्होने अपनी भांजी की शादी बड़े धूमधाम से की थी.लेकिन बारात विदा होने के बाद दूल्हे को पलंग पर ही सांप ने डस लिया और वो वहीं पर मर गया.उसकी मौत ने पूरे परिवार को हिलाकर रख दिया.वो कहते हैं इस घटना से मुझे बहुत संताप हुआ.उसके बाद उन्होंने सांपों की प्रजातियों के बारे में जानना शुरू किया.उनके ज़हर उसकी प्रकृति ओर उसके इलाज तक के बारे में जानकारी जुटाई.यहां तक कि उन्होंने सांप पकड़ने की ट्रेनिंग तक ली.
सांपों के लिए औषधि
आम तौर पर ग्रामीण इलाकों में सांप को मारने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं होता है. कई बार सांप घायल अवस्था में पड़े रहते हैं और तड़प तड़प कर उनकी मौत हो जाती है. दाऊ ने इंसान और सांप दोनों की जान बचाने के लिए कई प्रयोग किए.छह प्रकार की जड़ी बूटियों का औषधिय घोल बनाना सीखा जिसे वो घायल सांपों को लगाते हैं. इससे उनके जल्द ही नई चमड़ी बनकर तैयार हो जाती है. वे इनकी देखभाल भी करते हैं
सांप पकड़ने का जुगाड़ यंत्र
रामनिवास दाऊ ने सांप पकड़ने का यंत्र भी जुगाड़ से बनाया है.उससे वे न केवल सांप बल्कि मगरमच्छ जैसे घातक जीव को पकड़ लेते हैं.ऐसे तीन यंत्र उन्होंने बनाकर रखे हैं दाऊ का दावा है कि इस यंत्र का ईजाद उन्होंने खुद किया है.इससे सांप पकड़ में आ जाता है और वो घायल तक नहीं होता. उसे पकड़कर वो जंगल में छोड़ आते हैं
सबकी बदली सोच
स्थानीय लोग बताते हैं कि रामनिवास दाऊ के प्रयासों से पिछले 10 साल से बेटमा में कोई भी व्यक्ति सांप के काटने से नहीं मरा है. ये दाऊ की सराहनीय पहल का असर है कि क्षेत्र के लोगों में एक नई सोच विकसित हुई है कि सांपों को मारना नहीं है बल्कि उन्हें पकड़वाकर सुरक्षित जंगल में छोड़ना है.
ग़ज़ब हैं दाऊ
दाऊ ने एक रजिस्टर भी मेंटेन कर रखा है.उसमें उन्होंने अब तक पकड़े गए सभी जहरीले प्राणियों सांपों, नेवला, गोयरा का डीटेल नोट कर रखा है. वो कहते हैं सभी सांप जहरीले नहीं होते हैं,इसलिए सांपों से डरने की जरूरत नहीं है,वे केवल खतरा महसूस होने पर अटैक करते हैं इसलिए उचित दूरी और सावधानी बरतते हुए उन्हें पकड़ कर जंगल में छोड़ा जा सकता है. दाऊ सामाजिक क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहते हैं. यदि क्षेत्र का कोई बच्चा गुम हो जाता है या किसी की मौत हो जाती है,किसी का जनाजा या अंतिम यात्रा कब निकलेगी,सांकृतिक और सामाजिक आयोजन कहां होगा उसका 35 साल से लगातार अपनी दुकान से अनाउंसमेंट करते आ रहे हैं.