रूट ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘ मेरा काम यहां मौजूद खिलाड़ियों के हमारे दल का प्रबंधन करना है. मैं अपनी पूरी क्षमता से ऐसा करने की कोशिश कर रहा हूं. मुझे लगता है कि हमारे पास कुछ शानदार खिलाड़ी हैं जो यहां जीतने में सक्षम है.’ उन्होंने कहा, ‘ टीम का चयन होने के बाद यह मेरी जिम्मेदारी है कि उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन लिया जाये और अधिक से अधिक मैच जीते जाएं.’
पूर्व खिलाड़ियों ने की इंग्लैंड की रोटेशन पॉलिसी की आलोचना
कई पूर्व दिग्गजों ने इंग्लैंड की रोटेशन नीति की आलोचना की जिसके तहत उन्हें जेम्स एंडरसन और जोस बटलर जैसे प्रभावशाली खिलाड़ियों को आराम दिया गया. दूसरे टेस्ट में आठ विकेट लेने वाले ऑफ स्पिनर मोईन अली भी स्वदेश वापस जा रहे हैं. रूट ने कहा, ‘ यह मुश्किल और चुनौतीपूर्ण है लेकिन अभी के समय में सब कुछ ऐसा ही है. कोविड-19 महामारी के दौर में हम जितना क्रिकेट खेल रहे है उसमें हमें सभी चीजों का प्रबंधन करना है.’
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आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप में जगह पक्की करने के लिए इंग्लैंड को अब सीरीज के बाकी दोनों मैचों को जीतना होगा. उन्होंने अगले मुकाबले के लिए कहा, ‘ हम पूरे दल को देखकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि अंतिम 11 खिलाड़ियों से खुश रहे और वे गुलाबी गेंद से दूधिया रोशनी में अच्छा कर सकें. वह ऐसी टीम होगी जो परिस्थितियों का फायदा उठा सके.’ उन्होंने कहा, ‘हां मोईन अली घर वापस जाना चाहते थे. उनके लिये यह काफी मुश्किल समय था. अगर खिलाड़ी जैव-सुरक्षित माहौल से बाहर जाना चाहते है तो उनके पास एक विकल्प है. उम्मीद है वह अच्छा महसूस करेंगे.’ मोईन कोविड-19 की चपेट में आने के कारण श्रीलंका दौरे पर मैदान पर नहीं उतर सके थे. आर्चर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘उनकी वापसी की संभावना है. वह पिछले कुछ दिनों से अभ्यास कर रहे है और चयन के लिए उपलब्ध है.’