सीधी बस हादसा: अंधेरे के बाद रात में बंद रेस्क्यू 6 बज से फिर शुरू, नहर में बहे 7 लोगों की सलामती के लिए प्रार्थना जारी

सीधी बस हादसा: अंधेरे के बाद रात में बंद रेस्क्यू 6 बज से फिर शुरू, नहर में बहे 7 लोगों की सलामती के लिए प्रार्थना जारी


  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Jabalpur
  • Six Lives, Including Three Women, Got New Life In Direct Bus Accident, Their Prayers Continue For The Safety Of 7

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

सीधी35 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

दिल दहला देने वाला सीधी बस हादसे में छह ने दी मौत को मात।

  • एसडीआरएफ की टीम ने डेरा डाला, 6 लोग दे चुके हैं मौत को मात
  • सीधी बस हादसे में 51 की अब तक निकल चुकी हैं लाशें

सीधी बस हादसे ने कई परिवारों को गहरा जख्म दिया है। इन परिवारों को अपनों के खोने का दर्द और कभी न मिट सकने वाली टीस भी मिली है। रात में अंधेरा होने के कारण मंगलवार को रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया गया था, जिसे बुधवार सुबह 6 बजे फिर शुरू किया गया। इस हादसे में 51 लोगाें की मौत हो गई तो 6 लोग ऐसे भी हैं, जो मौत को मात देकर बाहर निकल आए। इसमें 3 युवतियां और 3 पुुरुष हैं। सात लोगों का अब भी पता नहीं चल रहा है।

एएसपी अंजूलता पटले के मुताबिक बस में कुल 63 यात्री सवार थे। तीन हादसे से पहले ही बस से उतर गए थे। वहीं 60 यात्रियों में छह की जान बचाई जा चुकी है। बस में कुल 60 यात्रियों में तीन मासूम बच्चों सहित 28 महिलाएं और 30 पुरुष यात्री सवार थे। इसमें से 47 के शव निकाले जा चुके हैं। इन शवों में 23 पुरुष, 22 महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं। वहीं सात लापता लोगों में एक पांच माह की बच्ची भी शामिल है।

22 से 25 फीट गहरे नहर में एक घंटे तक बस ही नहीं तलाश पाए।

22 से 25 फीट गहरे नहर में एक घंटे तक बस ही नहीं तलाश पाए।

बस में 33 स्थानों से लोग हुए थे सवार
नहर में पलटने वाली सीधी-सतना रूट की बस एमपी 19 पी 1882 में कुल 33 स्थानों से 60 लोग सवार हुए थे। इसमें सबसे अधिक रामपुर नैकिन, कुसमी और बहरी वेलहा से तीन-तीन, बरौ खड्‌डी रामपुर, चुरहट, कुकुडीझर सीधी, देवसर तरका, सिहावल तिलवार, कठार बोदरहा गोपद बनारस, मुइमाड़ देवरी कुसमी से दो-दो और चदैनिया चुहरट के शामिल रहे। अन्य आसपास के जिलों और कस्बों में रहने वाले थे।
ये लापता

  1. अरविंद विश्वकर्मा (29) निवासी कुकड़ीझर
  2. दीपेश प्रजापति (22) निवासी सपनी दुआरी सीधी
  3. खुशबू पटेल (23) निवासी चुरहट
  4. योगेद्र शर्मा (28) निवासी पिपरोहर सीधी
  5. रमेश विश्वकर्मा (29) निवासी नूतन कॉलोनी सीधी
  6. सौम्या गौड़ (05 माह) निवासी देवसर सिंगरौली
  7. स्वाति प्रजापति (19) निवासी हरफरी चितरंगी

500 मीटर तक ही लोग बह पाए थे

बस हादसे में जिंदा बच गए लोग इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं। इस बड़े हादसे में छह लोगों को उनके जज्बे ने बचा लिया। इसमें से अधिकार मारते रहे। इस दौरान स्थानीय बहादुर बेटी शिवरानी और उसके परिजन ने छह लोगों को बचा लिया। इसमें तीन पुरुष और तीन युवतियां शामिल हैं। इसमें से अधिकतर 200 से 500 मीटर तक बह गए थे।
इन्हें बचाया गया

  1. स्वर्णलता प्रभा (24)
  2. विभा प्रजापति- (21)
  3. अर्चना जायसवाल (23)
  4. सुरेश गुप्ता (60)
  5. ज्ञानेश्वर चतुर्वेदी (50)
  6. अनिल तिवारी (40)
बस के आगे-पीछे का कांच तोड़कर निकले कुछ लोग।

बस के आगे-पीछे का कांच तोड़कर निकले कुछ लोग।

हिम्मत से दी मौत को मात
अनिल तिवारी ने बताया कि जैसे ही बस नहर में डूबने लगी, उन्होंने बस की बंद खिड़की को जोर से हाथ मारा, जिससे खिड़की का कांच टूट गया। उन्हें तैरना आता था। अनिल ने अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए बगल में बैठे सुरेश गुप्ता को बचाने को कोशिश की और उनका हाथ पकड़कर खिड़की से बाहर खींच लिया। सुरेश गुप्ता 62 वर्ष के हैं, तैरना भी कम जानते थे लेकिन दोनों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नहर का किनारा पकड़ लिया। करीब 300 मीटर दूर जाकर एक पत्थर मिला, जिसके सहारे दोनों अपनी जान बचा पाए।

जज्बे से बचाई खुद की जान
ज्ञानेश्वर चतुर्वेदी बस में सामने के कांच से आगे की ओर देख रहे थे। जैसे ही बस नहर में गिरने लगी तो उन्होंने खिड़की के कांच में पैर मारा और पानी में कूद गए। गनीमत यह रही कि वे बस के किसी हिस्से में नहीं फंसे। देखते ही देखते उनकी आंखों के सामने ही बस धीरे धीरे डूब गई। वे नहर का किनारा पकड़कर तैरने लगे। तभी एक सीढ़ी मिली, जिसे पकड़कर ऊपर आ गए।



Source link