वहीं, उन्होंने हाल ही में खत्म हुई सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी के पांच मैच में 194 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट से 214 रन बनाए थे. इस दौरान अजहरुद्दीन का औसत भी 53 से ज्यादा का रहा. उन्होंने पांच मैच में 15 छक्के भी लगाए. उन्हें इस बार नीलामी में 20 लाख की बेस प्राइस में रखा गया है. दो साल पहले भी, उनका नाम नीलामी की फाइनल सूची में था. लेकिन किसी टीम ने नहीं खरीदा. इस बार लीग भारत में होनी है और कई टीमें ऐसी हैं, जिनके पास अच्छे विकेटकीपर बल्लेबाज नहीं है. ऐसे में उन टीमों की जरूर इस खिलाड़ी पर नजर होगी. खुद अजहरुद्दीन को भी ऐसा होने की उम्मीद है.
26 साल के केरल के इस क्रिकेटर की यहां तक पहुंचने की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है. वे 8 भाइयों में सबसे छोटे हैं और मजे की बात है कि सभी भाइयों का क्रिकेट के प्रति गजब का जुनून है. आठों भाइयों में अजहरुद्दीन ही इकलौते ऐसे हैं. जो प्रोफेशनल क्रिकेट खेल रहे हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण बाकी सात भाइयों को प्रोफेशनल क्रिकेटर बनने का सपना पूरा नहीं हो पाया वे क्लब लेवल तक ही क्रिकेट खेल पाए.
कम उम्र में ही अजहरुद्दीन के माता-पिता की मौत हुई
अजहरुद्दीन की राह में काफी मुश्किलें आईं. जब वे जूनियर लेवल पर अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे थे. उसी दौरान पहले उनकी मां और फिर पिता की मौत हो गई. इस कठिन घड़ी में उनके बड़े भाई उनैस ने अजहरुद्दीन के सपने को मरने नहीं दिया. टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में अजहरुद्दीन ने बताया कि माता-पिता की मौत के बाद बड़े भाई उनैस ने ही मुझे बच्चे की तरह पाला और मुझे क्रिकेट खेलने में मदद की. आज मैं जो भी हूं. अपने भाई के त्याग और मेहनत की बदौलत ही हूं. उनके नाम के पीछे की कहानी भी काफी दिलचस्प है. उनके बड़े भाई कमरुद्दीन पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन के बहुत बड़े फैन थे. बस इसी वजह से उन्होंने अपने छोटे भाई का नाम इस दिग्गज खिलाड़ी पर रख दिया.
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धोनी की तरह बनने का है सपना
अजहरुद्दीन भी टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी की तरह ही पहले फुटबॉल खेलते थे और गोलकीपिंग करते थे. इसी वजह से उन्हें स्कूल और फिर क्लब टीम में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई और धीरे-धीरे उन्होंने खुद को एक विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में ढाल लिया. वे भी धोनी और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट की तरह बनना चाहते हैं.
संजू सैमसन को रोल मॉडल मानते हैं अजहरुद्दीन
26 साल के अजहरुद्दीन केरल के विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को अपना रोल मॉडल मानते हैं. उनकी नजर में सैमसन शानदार विकेटकीपर होने के साथ ही अच्छे बल्लेबाज भी हैं. एक खिलाड़ी के तौर पर सैमसन जिस तरह मेहनत करते हैं. उससे वो बहुत प्रभावित हैं. अजहरुद्दीन का कहना है कि मैं संजू की सलाह को कभी नजरअंदाज नहीं करता हूं. इस साल सीजन में संजू स्टीव स्मिथ की जगह राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी कर सकते हैं. ऐसे में टीम के लिए बैकअप विकेटकीपर के रूप में उनकी नजर भी अजहरुद्दीन पर होगी.
भारत के लिए खेलने ही लक्ष्य
आईपीएल नीलामी को लेकर इस बल्लेबाज ने कहा कि मैं इस बात को लेकर उत्साहित हूं कि मेरा नाम नीलामी में हैं. मुझे लगता है कि अगर मैं डिजर्व करता हूं, तो मुझे जरूर कोई न कोई टीम खरीदेगी. लेकिन मेरा मुख्य लक्ष्य तो भारत के लिए ही खेलना है.