सीधी पहुंची सेना: 72 घंटे से लापता 3 युवकों को नहर की चार किलोमीटर लंबी सुरंग में तलाशेंगे; रीवा में मुख्यमंत्री से हाथ जोड़कर परिजन बोले- हमारे बच्चों को तलाश दो

सीधी पहुंची सेना: 72 घंटे से लापता 3 युवकों को नहर की चार किलोमीटर लंबी सुरंग में तलाशेंगे; रीवा में मुख्यमंत्री से हाथ जोड़कर परिजन बोले- हमारे बच्चों को तलाश दो


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सीधी21 मिनट पहले

सेना द्वारा बघवार से 10 किमी दूर नहर की 4 किमी लंबी सुरंग में लापता युवकों की तलाश शुरू की जा रही है।

  • सुरंग में ऑक्सीजन पहनकर उतारा जाएगा, सीधी से रीवा तक मुख्य नहर के साथ अलग-अलग नहरों में चल रहा रेस्क्यू
  • लापता युवकों में एक को सतना से पकड़नी थी ट्रेन, दूसरा बैंक के काम से तो तीसरा युवक बुआ की बेटी को परीक्षा दिलाने ले जा रहा था

सीधी बस हादसे के हुए 72 घंटे हो गए। तीन परिवारों के आंसू अब भी नहीं थम रहे। बच्चों की तलाश में सीधी से रीवा जिले पहुंच गए। पर इंतजार समाप्त नहीं हो रहा। आज गुरुवार को सीएम रीवा में सीएम पीड़ित तीन परिवार के लोगों से मिले तो उनके आंसू छलक पड़े। रोते-बिलखते परिजनों ने सीएम से कहा, मेरे बच्चों को ढुंढवा दो। अब और इंतजार नहीं होता। तीनों की तलाश के लिए जबलपुर से एसडीआरएफ की एक टीम पहुंची है। इधर, जबलपुर से सेना भी बुला ली गई है। बघबार से 10 किलोमीटर दूर छुहिया पहाड़ी में बनी नहर की करीब 4 किलोमीटर लंबी सुरंग में लापता युवकों की तलाश करने सेना पहुंची है। सैनिक ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ सुरंग में उतरेंगे।

तीसरे दिन भी 3 युवकों का पता नहीं चलने पर अंतत: सेना की मदद ली जा रही है। सैन्य अफसरों ने नहर एरिया का जायजा लिया।

जानकारी के अनुसार मंगलवार को सरदा पटना गांव के पास बाणसागर नहर में हुए बस हादसे में जहां अब तक 51 शव निकाले जा चुके हैं। वहीं तीन परिवारों को अब भी उनके लाल नहीं मिल रहे। पिछले तीन दिन से परिवार के लोग रामपुर निकैनी स्थित मरचुरी से लेकर हादसे वाली नहर तक भटक रहे हैं।

कुकरीझर निवासी अरविंद विश्वकर्मा (20) की तलाश जारी है।

कुकरीझर निवासी अरविंद विश्वकर्मा (20) की तलाश जारी है।

कुकरीझर निवासी अरविंद विश्वकर्मा (20) के पिता विश्वनाथ ने बताया कि बेटा अपनी बुआ की बेटी बोदरहवा सिहावल निवासी यशोदा विश्वकर्मा (24) को एएनएनएम की परीक्षा दिलाने निकला था। हादसे में यशोदा की मौत हो गई। उसका शव मंगलवार को ही मिल गया था। लेकिन अरविंद की तलाश में परिजनों बेहाल हैं। परिवार के आंसू हैं कि रुकने का नाम नहीं ले रही।

बोदरहवा सिहावल की यशोदा विश्वकर्मा की मौत से तीन बच्चों से छिन गया मां का आंचल।

बोदरहवा सिहावल की यशोदा विश्वकर्मा की मौत से तीन बच्चों से छिन गया मां का आंचल।

तीन बच्चों से छीन गया मां का आंचल
यशोदा विश्वकर्मा की शादी हो चुकी है। वह घर में बेटी दिव्या (5), बेटा दिव्यांश (3) और गौरव (18 माह) को सास के पास छोड़कर परीक्षा देने निकली थी। उसकी मौत से तीनों बच्चे मां की ममत से महरूम हो गए। दिव्या और दिव्यांश मां को खोजते रहते हैं। तीनों बच्चों को देखकर परिजनों का कलेजा फटा जा रहा है।

फोटो में मां अस्तुरना के साथ रमेश विश्वकर्मा (25) भी नहीं मिल रहा।

फोटो में मां अस्तुरना के साथ रमेश विश्वकर्मा (25) भी नहीं मिल रहा।

बहन के घर बलिया जा रहा था रमेश विश्वकर्मा
लापता युवकों में दूसरा रमेश विश्वकर्मा (25) है। मूलत: बिहार निवासी रमेश के पिता राजेंद्र सीधी स्थित पीडब्ल्यूडी में नौकरी करते हैं। रमेश की बहन की शादी यूपी के बलिया में हुई है। वह बहन के घर जाने के लिए हादसे वाली बस में सवार हुआ था। उसे सतना में ट्रेन पकड़नी थी। तीन दिन से परिवार उसकी तलाश में आंसू बहा रहा है। मां अस्तुरना और भाई के आंखों से आंसू नहीं रुक रहे।

लापता योगेंद्र शर्मा (23) निजी बैंक में काम करते हैं। तीन दिन से तलाश जारी है।

लापता योगेंद्र शर्मा (23) निजी बैंक में काम करते हैं। तीन दिन से तलाश जारी है।

बैंक के काम से सतना निकला था योगेंद्र शर्मा
तीसरा लापता युवक सीधी निवासी योगेंद्र उर्फ विकास शर्मा (23) है। वह एचडीएफसी बैंक में जॉब करता है और बैंक के ही काम से सतना निकला था। पिता सुरेश कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह नौ बजे हादसे की सूचना मिली थी। तब से परिवार योगेंद्र के मिलने की उम्मीद में सीधी से रीवा जिले की सीमा में नहर किनारे भटक रहा है। जैसे-जैसे समय गुजर रहा है। उनकी उम्मीद भी टूटती जा रही है।



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