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- Midnight Police Action, Chased Away The Protesting Farmers, Removed The Picket Site From Phul Bagh, Resentment Among The Farmers
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ग्वालियर12 घंटे पहले
गुरुवार-शुक्रवार दरमियानी रात 1 बजे फूलबाग पर किसान आंदोलन को कुचलने और सामान समेटकर जब्त करते हुए जिला प्रशासन, पुलिस व नगर निगम का अमला
- फूलबाग से इस तरह आंदोलन का दमन करने से नाराज किसान
- रात को पुलिस, प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
आधी रात जिला प्रशासन, पुलिस व नगर निगम के अफसरों ने फूलबाग पहुंचकर डेढ़ महीने से चल रहे किसान आंदोलन को बलपूर्वक खत्म कर दिया। पूरे आंदोलन को बिना इजाजत बताकर निगम का मदाखलत दस्ता टेंट, बाइक व साउंड लोडिंग में भरकर ले गया। रात को प्रदर्शन कर रहे लोगों ने हंगामा किया तो पुलिस ने उनको धमकाया। रात को इस तरह आंदोलन स्थल को खत्म करने से किसान और माकपा के सदस्यों में आक्रोश है। शुक्रवार दोपहर किसान संगठन ने एसपी ऑफिस का घेराव कर प्रदर्शन किया है।
केंद्र सरकार के तीन कृषि कानून को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा, माकपा के सदस्य लगातार 50 दिन से ग्वालियर के फूलबाग चौराहा पर टेंट लगाकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान उनको किसानों, कांग्रेस व अन्य दलों का समर्थन भी मिला है। अपने आंदोलन के दौरान वह देश की राजधानी में प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनो से मिलने वाले निर्देश के बाद लगातार हाइवे जाम, ट्रैक्टर रैली व रेल रोको आंदोलन करते रहे हैं। कुछ समय पहले जिला प्रशासन की ओर से एडीएम रिंकेश वैश्य ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन कर रहे लोगों को बिना इजाजत आंदोलन करने और फूलबाग पर ट्रैफिक जाम का कारण बनने पर जल्द धरना खत्म करने के लिए कहा था, लेकिन किसानों के समर्थन और कृषि कानून के विरोध में यह प्रदर्शन लगातार जारी रहा। गुरुवार को किसानों और माकपा के सदस्यों ने ग्वालियर स्टेशन पर पहुंचकर ट्रेनों को रोका और प्रदर्शन किया था। इसमें पुलिस ने 7 महिलाओं सहित 52 लोगों को गिरफ्तार किया था।
दिन में गिरफ्तारी, रात को आंदोलन का दमन
जिला प्रशासन और पुलिस ने बड़ी ही चालाकी से काम किया है। गुरुवार दिन में रेल रोको आंदोलन के समय चुन-चुन संगठन के नेताओं और सदस्यों को गिरफ्तार किया। कुल 52 लोग गिरफ्तार किए गए। आमतौर पर ऐसे प्रदर्शन में गिरफ्तारी के बाद इन्हें शाम तक सशर्त छोड़ दिया जाता है। पर इस मामले में सभी को जेल भेज दिया गया। इसके बाद रात करीब 1 बजे प्रशासन और पुलिस के अफसर फूलबाग पहुंचे यहां बैठे कुछ सदस्यों को खदेड़कर पूरे आंदोलन का दमन कर दिया। इसके पीछे प्रशासन से एसडीएम विनोद भार्गव का कहना था कि यह प्रदर्शन बिना परमीशन चल रहा था।
एसपी ऑफिस का घेराव कर किया हंगामा
किसान आंदोलन को रात में ही कुचल देने के आक्रोशित अखिल भारतीय किसान सभा और माकपा के सदस्यों ने शुक्रवार दोपहर एसपी ऑफिस का घेराव कर दिया। करीब 40 मिनट तक प्रदर्शन कारी पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी करते रहे। इसके बाद उन्होंने एसपी ग्वालियर अमित सांघी को ज्ञापन दिया। जिसमें सवाल किए गए कि जब उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण चल रहा था तो उसे पुलिस ने इस तरह क्यों हटाया। साथ ही उनके सदस्यों को रेल रोका आंदोलन के तहत जेल क्यों भेजा गया। उनके साथ भेदभाव क्यों हो रहा है। इस पर एसपी ग्वालियर का कहना था कि रेल की पटरियों पर लेटकर रेलवे एक्ट का उल्लघंन किया गया था। जिस पर उनको गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से जेल भेज दिया गया। रही बात फूलबाग पर धरना स्थल हटाने की तो वह जिला प्रशासन की कार्रवाई थी।