बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़: उज्जैन में हानिकारक रंगों से बना रहे थे फिंगर फ्रायम्स, अधिकारियों ने छापा मारकर सीज कराई फैक्ट्री

बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़: उज्जैन में हानिकारक रंगों से बना रहे थे फिंगर फ्रायम्स, अधिकारियों ने छापा मारकर सीज कराई फैक्ट्री


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उज्जैन15 मिनट पहले

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फैक्ट्री में जांच करते अधिकारी

  • खाद्य नमूनों को भोपाल लैब भेजा जाएगा

मुनाफा कमाने के लिए व्यापारी किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। भले ही उन्हें बच्चों को स्वास्थ्य से ही खिलवाड़ क्यों न करना पड़े। उज्जैन के नागझिरी इंडस्ट्रियल एरिया में शुक्रवार शाम को प्रशासन ने छापा मारकर हानिकारक रंगों से बनाई जा रही फिंगर फ्रायम्स फैक्ट्री को सीज किया। अधिकारियों ने मौके से 49 क्विंटल फिंगर फ्रायम्स और 45 क्विंटल रॉ-मैटेरियल जब्त किया। फैक्ट्री मालिक को अधिकारियों ने नोटिस देकर जवाब तलब किया है। खाद्य नमूनों को जांच के लिए भोपाल स्थित लैब भेजा जाएगा। एडीएम नरेंद्र सूर्यवंशी ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप मिलावटखोरों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत सूचना मिली थी कि नागझिरी इंडस्ट्रिलय एरिया स्थित कपिल कुमार जितेंद्र कुमार फर्म में बच्चों के खाने वाली फिंगर फ्रायम्स में हानिकारक रंगों का बड़ी मात्रा में उपयोग किया जा रहा है। जिस पर एएसपी अमरेंद्र सिंह व खाद्य विभाग के अधिकारियों के साथ फैक्ट्री पर छापा मारा गया। वहां पर बड़ी मात्रा में फिंगर फ्रायम्स बने मिले। जिसे जमीन पर सुखाया जा रहा था। इसके अलावा फैक्ट्री में गंदगी बहुत अधिक थी। वहां पर अन-हाइजेनिक तरीके से खाद्य पदार्थ का निर्माण किया जा रहा था। फिंगर फ्रायम्स में गुलाबी, लाल व पीले रंगों का बहुत अधिक मात्रा में प्रयोग करते पाया गया। ये रंग बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक हैं। फैक्ट्री संचालक श्याम वाधवानी ने कहा कि फूड कलर से फ्रायम्स बनाए जा रहे हैं। कलर की हमको जानकारी नहीं थी। अब जानकारी लेकर आगे से दुरुस्त करने की काेशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी मजबूरी है। जो बाजार में बिकता है, उसी को खरीदना पड़ता है।



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