लाइसेंस: अधिकारी चालक-कंडक्टर के लाइसेंस चेक करते रहे, इधर, बसों में ठूंस-ठूंसकर सवारियां बैठाई

लाइसेंस: अधिकारी चालक-कंडक्टर के लाइसेंस चेक करते रहे, इधर, बसों में ठूंस-ठूंसकर सवारियां बैठाई


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खंडवा11 मिनट पहले

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परिवहन विभाग के अफसर-कर्मचारी हाईवे पर बसों, मैजिक वाहनों सहित अन्य यात्री वाहनों की जांच कर राजस्व वसूली में लगे रहे, इधर परिचालक बस स्टैंड से यात्रियों को बसों में ठूंस-ठूंसकर ले जाते रहे, खचाखच भरी होने पर भी बसों में सवारियां बैठाई। अफसर, कर्मचारी क्या किसी भी बस मालिक, चालक व परिचालक ने सीधी बस हादसे से सबक नहीं लिया। कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की।

सीधी में हुए बस हादसे के बाद शासन के आदेश पर खंडवा में भी परिवहन विभाग ने बुधवार से बस, मैजिक सहित अन्य छोटे व बड़े यात्री वाहनों की जांच शुरू की। पहले दिन कार्रवाई में यात्री बस चालक-परिचालक बगैर ड्रेस में मिले थे, जबकि दूसरे दिन उनके पास यात्री बस चलाने व परिचालन के लाइसेंस नहीं मिले। परिवहन विभाग ने गुरुवार को इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर डुल्हार फाटा व छैगांवमाखन तिराहा पर सुबह से लेकर देर शाम तक कार्यवाही की। इस दौरान दो दर्जन से अधिक यात्री वाहनों की जांच की जिसमें से केवल 9 वाहनों के 25 हजार रु. के चालान बनाए गए। इनमें से 6 बसों में चालक व परिचालकों के पास लाइसेंस नहीं थे, जबकि 3 टाटा मैजिक चालकों के पास दस्तावेज, बीमा फिटनेस व प्रदूषण नियंत्रण सर्टिफिकेट नहीं थे। बसों पर 10 हजार व मैजिक वाहनों पर 15 हजार का जुर्माना लगाकर चालान काटे गए।

बेखौफ बैठाई सवारियां, अनफिट वाहन भी चले

गुरुवार को नए व पुराने बस स्टैंड से सवारियों को ठूंस-ठूंसकर बसों में बैठाया गया। यहां पर परिवहन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। अनफिट बसें भी अपने गंतव्य तक बिना किसी कार्रवाई के आवागमन करती रही। अमरावती, खरगोन, इंदौर, बुरहानपुर, बैतूल की ओर जाने वाली बसों में सीट के अलावा यात्री खड़े रहकर भी सफर करते दिखाई दिए।

यात्री वाहनों की जांच की, अनफिट बसें नहीं मिलीं

^विभाग की दो टीमों ने अलग-अलग स्थान पर कार्रवाई की। 9 यात्री वाहनों से चालान कर 25 हजार रुपए वसूल किए गए। मार्ग पर कोई अनफिट बसें नहीं मिलीं। दो बसाें के मालिक अपनी बसों का फिटनेस सर्टिफिकेट लेने परिवहन विभाग पहुंचे थे, बसों के विंडो ग्लास टूटे होने के कारण उन्हें वापस लौटा दिया।

जगदीश बिल्लौरे, अतिरिक्त परिवहन अधिकारी, परिवहन विभाग



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