सीधी बस हादसा, 52वीं मौत: बांध से पानी छोड़ा तो सुरंग से बही लाश, आधा किमी आगे पड़ी मिली; चेहरे को मछलियों ने नोंचा

सीधी बस हादसा, 52वीं मौत: बांध से पानी छोड़ा तो सुरंग से बही लाश, आधा किमी आगे पड़ी मिली; चेहरे को मछलियों ने नोंचा


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सीधी5 मिनट पहले

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  • दो लापता युवकों की गोविंदगढ़ क्षेत्र के सिलपरा व टीकर में हो रही सर्चिंग
  • जबलपुर की एनडीआरएफ और सीधी की एसडीआरफ की संयुक्त टीम जुटी है तलाश में

सीधी बस हादसे में मृतकों की संख्या 52 हो गई है। दो युवक अब भी लापता हैं। 96 घंटे बाद आज सुबह 10 बजे रमेश विश्वकर्मा (25) का शव मिला। नहर में बाणसागर बांध से पानी छोड़ा गया। पानी के प्रेशर से लाश बहकर टनल से निकली। उसकी लाश छुहिया पहाड़ी के टनल के दूसरी ओर गोविंदगढ़ में लगभग 500 मीटर की दूरी पर मिली। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम आज सिलपरा और टीकर के पास लापता दो अन्य युवकों की सर्चिंग में जुटी है। शव बुरी तरह फुला था और चेहरे को मछलियां खा गई थीं। पहचानना मुश्किल हो रहा था। कपड़ों की मदद से शिनाख्त हो पाई।

मां अस्तुरना देवी के साथ रमेश विश्वकर्मा (25), इसका शव आज सुबह मिला।

मां अस्तुरना देवी के साथ रमेश विश्वकर्मा (25), इसका शव आज सुबह मिला।

जानकारी के अनुसार शव की पहचान रमेश विश्वकर्मा (25) के रूप में परिजनों ने की है। मूलत: बिहार निवासी रमेश के पिता राजेंद्र सीधी स्थित पीडब्ल्यूडी में नौकरी करते हैं। सीधी में परिवार नूतन कॉलोनी में रहता है। रमेश की बहन की शादी यूपी के बलिया में हुई है। वह बहन के घर जाने के लिए हादसे वाली बस में मंगलवार को सवार हुआ था। उसे सतना में ट्रेन पकड़नी थी। चार दिन से परिवार उसकी तलाश में आंसू बहा रहा था। मां अस्तुरना और भाई के आंखों से आंसू नहीं रुक रहे।

शव को बाहर लाते हुए रेस्क्यू स्टाफ

शव को बाहर लाते हुए रेस्क्यू स्टाफ

हादसे से अधिक इंतजार की टीस भारी
हादसे में लाशों के निकलने के बाद परिवार वाले पहले ही इसकी आशंका में थे। पर शव नहीं मिलने से उनकी तकलीफ और बढ़ती जा रही थी। गुरुवार को रीवा में रमेश के परिजनों ने रोते हुए सीएम शिवराज सिंह से बेटे की तलाश कराने की गुहार लगाई थी। गुरुवार को एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने पहली बार टनल में प्रवेश किया। पर वहां जल स्तर 10 फीट के लगभग था। टीम के सदस्य पानी के अंदर नहीं उतर पाए थे। परिवार के लोगों पर इंतजार का एक-एक क्षण भारी पड़ रहा था।
आज ये हो रहा
सीधी जिला प्रशासन ने आज बाणसागर से नहर में पानी छोड़ने का निर्णय लिया। इसके बाद बाणसागर से नहर में फुल प्रेशर से पानी छोड़ा गया। तीन स्थानों टीकर, सिलपरा और टनल के पास रेस्कयू टीम तैनात रही। चार किमी लंबी टनल में फुल प्रेशर से पानी पहुंचा तो लाश टीकर नहर में टनल से 500 मीटर दूर बह कर आया। रमेश विश्वकर्मा का शव बुरी तरह से फुल गया है। शरीर को मछलियों ने नोंच खाया है। शव को पीएम के लिए रामपुर नैकिन भेजा गया।

अरविंद विश्वकर्मा (20) की तलाश में परिवार वाले बेहाल।

अरविंद विश्वकर्मा (20) की तलाश में परिवार वाले बेहाल।

इन परिवारों का इंतजार लंबा
कुकरीझर निवासी अरविंद विश्वकर्मा (20) के पिता विश्वनाथ ने बताया कि बेटा अपनी बुआ की बेटी बोदरहवा सिहावल निवासी यशोदा विश्वकर्मा (24) को एएनएम की परीक्षा दिलाने निकला था। हादसे में यशोदा की मौत हो गई। उसका शव मंगलवार को ही मिल गया था। लेकिन अरविंद की तलाश में परिजनों बेहाल हैं। परिवार के आंसू हैं कि रुकने का नाम नहीं ले रही।

बैंक कर्मी योगेंद्र उर्फ विकास शर्मा (23) का अब तक पत नहीं चला।

बैंक कर्मी योगेंद्र उर्फ विकास शर्मा (23) का अब तक पत नहीं चला।

बैंक कर्मी योगेंद्र शर्मा लापता
पिपरोहर सीधी निवासी योगेंद्र उर्फ विकास शर्मा (23) है। वह एचडीएफसी बैंक में जॉब करता है और बैंक के ही काम से सतना निकला था। पिता सुरेश कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह नौ बजे हादसे की सूचना मिली थी। तब से परिवार योगेंद्र के मिलने की उम्मीद में सीधी से रीवा जिले की सीमा में नहर किनारे भटक रहा है। जैसे-जैसे समय गुजर रहा है। उनकी उम्मीद भी टूटती जा रही है।



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