मोटेरा में स्पिनर्स को मिल सकती है मदद: रोहित बोले- विदेशों में पेसर्स फ्रेंडली पिचें होती हैं, तब कोई नहीं बोलता; एक्सपर्ट्स बयानबाजी छोड़ क्रिकेट पर ध्यान दें

मोटेरा में स्पिनर्स को मिल सकती है मदद: रोहित बोले- विदेशों में पेसर्स फ्रेंडली पिचें होती हैं, तब कोई नहीं बोलता; एक्सपर्ट्स बयानबाजी छोड़ क्रिकेट पर ध्यान दें


  • Hindi News
  • Sports
  • Cricket
  • Rohit Sharma Says Focus Has To Be On Cricket And Not On The Pitches INDvsENG India Vs England 3rd Test

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

अहमदाबाद2 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

भारतीय ओपनर रोहित शर्मा ने कहा है कि मोटेरा में पिचें स्पिनर्स को मदद कर सकती हैं। उन्होंने एक्सपर्ट्स को पिचों को लेकर बयानबाजी छोड़ गेम पर ध्यान देने को भी कहा। रोहित ने कहा कि दोनों टीमों के लिए पिच एक जैसी होती है। मुझे नहीं पता लोग इसे मुद्दा क्यों बना लेते हैं। कई सालों से भारत में ऐसी ही पिचें देखने को मिलती रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘जब हम विदेश जाते हैं, तब कोई पेसर्स फ्रेंडली विकेट को लेकर क्यों कुछ नहीं बोलता। होम और अवे (विदेशी धरती) का यही फायदा होता है। हम अपने मुताबिक पिचें बनाते हैं। अगर किसी को दिक्कत है, तो वह इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) में इसको लेकर नियम बनाने कह सकता है, ताकि हर जगह एक जैसी पिच मिले।’

सोमवार को प्रैक्टिस सेशन में लाइट्स पर फोकस होगा
रोहित ने कहा कि दूसरे टेस्ट की तरह पहले दिन से ही स्पिनर्स को फायदा मिलेगा। डे-नाइट टेस्ट में थोड़ी मुश्किल होती है, लेकिन टीम इंडिया इसके मुताबिक ढल जाएगी। सोमवार को प्रैक्टिस सेशन में लाइट्स और सीट्स पर हमारा फोकस होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि नई सीटों में शाइनिंग होती है। स्लिप में कैच और आउटफील्ड कैचिंग की भी प्रैक्टिस की जाएगी।

1-1 की बराबरी पर है भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज
भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे टेस्ट (डे-नाइट) की शुरुआत 24 फरवरी से होगी। फिलहाल सीरीज 1-1 से बराबरी पर है। भारत को वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंचने के लिए अगले 2 में से एक टेस्ट जीतना जरूरी है। वहीं, अगले टेस्ट को कम से कम ड्रॉ कराना होगा। रोहित ने इस पर कहा कि हमें प्रोसेस पर ध्यान देना चाहिए और आगे का नहीं सोचना चाहिए।

टीम इंडिया का फोकस वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप पर
रोहित ने कहा कि अगर आप ज्यादा सोचते हैं, तो खुद को प्रेशर में ढकेल देते हैं। इसलिए वर्तमान में रहने पर प्रेशर नहीं होता। टेस्ट 5 दिन का खेल है और इसमें हर सेशन में अलग-अलग टीमों पर दबाव बढ़ता है। अगर छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान दें, तो रिजल्ट आपके पक्ष में ही होगा। हम WTC फाइनल के लिए क्वालिफाई करना चाहते हैं। हमारे सामने 2 टेस्ट हैं और हमारा पूरा फोकस उसी पर है।



Source link