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जबलपुरएक मिनट पहले
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मदनमहल अंडरब्रिज का काम पूरा।
- साेमवार को खुल जाएगा अंडरब्रिज, एक दिसंबर को तीन महीने के लिए किया गया था बंद
- नए प्लेटफॉर्म हो रहा है निर्माण, मदनमहल में प्लेटफार्म की संख्या बढ़कर हो जाएगी चार
कल से मदनमहल अंडरब्रिज (आरयूबी) से आवागमन शुरू हो जाएगा। तीन महीने के लिए बंद किए गए अंडरब्रिज का कार्य 15 दिन पहले ही रेलवे ने पूरा कर लिया। अंडरब्रिज के चालू होने से पांच लाख की आबादी को राहत मिलेगी। अब लोगों को घूमकर अधिक दूरी नहीं तय करना पड़ेगा। सबसे बड़ी राहत शास्त्रीब्रिज पर होने वाले जाम से मिलेगी। इस अंडरब्रिज के ऊपर नए प्लेटफार्म-1 की बुनियाद डालेगी। भविष्य में यहां से नैनपुर रूट की ट्रेनों का संचालन होगा।

रोशनी के लिए भी किया गया है इंतजाम।
जानकारी के अनुसार मदनमहल टर्मिनस के प्लेटफार्म निर्माण के लिए आरयूबी का विस्तार किया गया है। एक दिसंबर को आरयूबी को तीन महीने के लिए बंद किया गया था। सीपीआरओ प्रियंका दीक्षित के मुताबिक रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने 15 दिन पहले ही काम पूरा कर लिया। इसका फायदा सोमवार से आम लोगों को मिलेगा। आरयूबी की लंबाई लगभग 15 फीट बढ़ाई गई है। इसमें जगह-जगह एलईडी बल्व लगाए गए हैं। जिससे रात में भी अंडरब्रिज में पर्याप्त उजाला रहे।

शास्त्रीब्रिज से उतरते ही ब्लूम चौक पर सिग्नल है। वाहनों का दबाव बढ़ने से यहां जाम लग रहा था।
शास्त्री ब्रिज से घटेगा दबाव
मदनमहल अंडरब्रिज बंद होने से दोपहिया और चारपहिया वाहनों को शास्त्री ब्रिज और कछपुरा ओवर ब्रिज से निकलना पड़ रहा था। इसके चलते लोगों को बेवजह तीन से चार किमी का अधिक चक्कर लगाना पड़ रहा था। एक बड़ी मुश्किल ये थी कि शास्त्रीब्रिज पर जाम आए दिन की परेशानी बन गई थी। वहीं कछपुरा ब्रिज पर भी ट्रैफिक दबाव बढ़ गया था। अब दशमेश द्वार से लेकर आमनपुर, गुप्तेश्वर आदि क्षेत्रों की पांच लाख की आबादी को राइट टाउन जाने के लिए राहत मिलेगी।
जाम से भी राहत मिलेगी
फ्लाइओवर निर्माण के कारण दशमेश द्वार से छोटी लाइन फाटक की सड़कें संकरी हो गई हैं। अंडरब्रिज के बंद रहने से फ्लाइओवर निर्माण कार्य स्थल पर दिन में कई बार जाम लग रहा था। इसका असर शास्त्री ब्रिज तक पड़ रहा था। अंडरब्रिज से कुछ ट्रैफिक डायवर्ट होने से शास्त्री ब्रिज में जाम की झंझट से भी कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

अंडरब्रिज के ऊपर नए प्लेटफार्म का निर्माण किया जा रहा है।
नए प्लेटफार्म का हो रहा निर्माण
मदनमहल अंडरब्रिज का एक्सटेंशन कार्य नए प्लेटफार्म के निर्माण के लिए किया गया है। इसके ऊपर नए प्लेटफॉर्म-1 की बुनियाद नजर आने लगी है। मौजूदा प्लेटफॉर्म-1 के हिस्से को पीछे खिसका कर चौड़ा किया जा रहा है। यहीं पर नया प्लेटफॉर्म-1 बनेगा। पुराने प्लेटफॉर्म-2 के विपरीत हिस्से में नया प्लेटफॉर्म-2 बनाया जा रहा है। इसका काम भी 50 फीसदी से ज्यादा हो गया है। यहां पैसेंजर की आवाजाही वाली जगह को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इटारसी छोर पर शेड बनाया जा रहा है। नए निर्माण के बाद मदनमहल स्टेशन पर चार प्लेटफॉर्म हो जाएंगे। उसके बाद यहीं से कई ट्रेनों का संचालन होगा।

नए प्लेटफार्म पर चल रह यात्री सुविधाओं का काम।
टर्मिनल बनाने के लिए हो रहे ये काम
- मदन महल में बिछेगी नई लूप लाइन नया एफओबी बनेगा।
- प्लेटफॉर्म नं. 1 की ओर बनेगी आकर्षक बिल्डिंग।
- यात्रियों की सुविधा के लिए एस्केलेटर और लिफ्ट लगाई जाएगी।
- यात्रियों के लिए शेड से कवर किए जा रहे हैं सभी प्लेटफॉर्म।

दो नई लाइन बिछाई जाएंगी
टर्मिनस बनाने की कवायद के बीच रेलवे स्टेशन का नक्शा बदलने लगा है। स्टेशन पर अभी तक तीन प्लेटफॉर्म और तीन लाइन थी। अब एक प्लेटफॉर्म बढ़ाने के साथ ही दो नई लाइन बिछाई जाएंगी। वर्तमान प्लेटफॉर्म-2 को अब 3 में बदला जा रहा है। प्लेटफॉर्म-1 को पीछे कर उसके और प्लेटफॉर्म-2 के बीच दो नई लाइन बिछाने की योजना है। इसमें एक लूप लाइन रहेगी। जीआरपी थाने की ओर से प्लेटफॉर्म-1 के नए ड्रॉइंग के अनुसार शेड बनाने का काम शुरू कर दिया गया है।
कछपुरा से धुलकर आएंगी ट्रेन
मदनमहल टर्मिनस के कार्य को विस्तार देते हुए 15 करोड़ रुपए से कोचिंग कॉम्प्लेक्स के निर्माण स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें ट्रेनों का मेंटीनेंस और धुलाई के लिए पिट बनाया जाना है। इससे मदन महल में टर्मिनेट होने वाली ट्रेनें सवारी उतारकर कछपुरा जाएंगी। वहां मेंटीनेंस के बाद वापस प्लेटफॉर्म पर आकर गंतव्य की ओर रवाना होंगी। इससे मुख्य स्टेशन पर यात्री भार कम होगा। टर्मिनस से संबंधित अन्य कार्यों को जल्दी पूरा करने के लिए पमरे अतिरिक्त अनुदान प्राप्त करने का प्रयास भी कर रहा है।

मदनमहल टर्मिनल पर विकास के कई कार्य हो रहे।
टर्मिनल एक नजर में
- कुल लागत: 120 करोड़ रुपए
- फंड मिला: करीब 30 करोड़ रुपए
- काम पूरा करने का लक्ष्य: वर्ष 2024

मदनमहल स्टेशन को हबीबगंज की तर्ज पर विकसित करने का काम चल रहा।
चलेंगी डाउन दिशा की ट्रेनें
रेलवे के सूत्रों का कहना है कि मदन महल के टर्मिनल स्टेशन बनने के बाद जबलपुर से निजामुद्दीन जाने वाली तीनों ट्रेनों को यहां से चलाया जा सकता है। इसके अलावा डाउन दिशा (कटनी की ओर जाने वाली) की अन्य ट्रेनें भी मदन महल स्टेशन से शुरू की जा सकेंगी। रेल अफसरों के अनुसार मदन महल टर्मिनल बनने के बाद डाउन दिशा की ही कुछ ट्रेनों का संचालन यहां से होगा। मदन महल स्टेशन को हबीबगंज की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है, जिसमें अल्ट्रा-मॉडर्न फैसिलिटीज होंगी।
इन ट्रेनों का हो सकेगा संचालन
- जबलपुर-निजामुद्दीन गोंडवाना एक्स.।
- जबलपुर-निजामुद्दीन महाकौशल एक्स.।
- जबलपुर-लखनऊ चित्रकूट एक्सप्रेस।
- जबलपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस।
- जबलपुर-अजमेर एक्सप्रेस।
- जबलपुर-मडुआडीह एक्सप्रेस।
- जबलपुर-रीवा इंटरसिटी।
- जबलपुर-अम्बिकापुर इंटरसिटी।
- जबलपुर- सिंगरौली इंटरसिटी।