Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप
इंदौरएक घंटा पहले
- कॉपी लिंक
फाइल फोटो
दुर्घटना में चोट आने पर आशा कार्यकर्ता को सवा लाख का मुआवजा मिलेगा हालांकि उसने साढ़े 13 लाख रुपए हर्जाने के तौर पर मांगे थे। जानकारी के अनुसार 30 दिसम्बर 2015 को सुबह लगभग 11.30 बजे आवेदिका ममता पति सुरेश टांक निवासी ग्राम कुमाडली तहसील घटिया, जिला उज्जैन उसके भाई अनिल कुमावत के साथ मोटर सायकल MP13ME9532 पर पीछे बैठकर रिंगनोदिया से अरविंदो हास्पिटल इंदौर की ओर आ रही थी। अनिल अत्यंत धीमी गति से सावधानीपूर्वक सही दिशा में गाड़ी चला रहा था, जब वह पंचडेरिया चौराहा, सांवेर रोड़ पर पहुंचे तभी मोटर सायकल MP09NT6931 का चालक शरद राजपूत वाहन को तेजी व लापरवाही पूर्वक चलाकर लाया और उनकी मोटर सायकल में पीछे से टक्कर मार दी, जिससे ममता को गंभीर चोटें आई व फ्रेक्चर हो गया। इसके बाद उसे अरविंदो अस्पताल इंदौर में 30 दिसम्बर 2015 से 11 जनवरी 2016 तक भर्ती रहकर उपचार कराया गया, जिसमें 1 लाख रुपए की राशि खर्च हुई और गंभीर चोटों के कारण उसे स्थायी विकलांगता आने का हवाला देकर कुल 13 लाख 45 हजार रुपए का मुआवजा दिलाने के लिए मोटरयान दुर्घटना दावा अधिकरण में दावा लगाया था।
उसका कहना था कि वह दुर्घटना के समय 28 वर्षीय स्वस्थ महिला होकर स्वास्थ्य विभाग उज्जैन में आशा कार्यकर्ता के पद पर कार्यरत होकर 8 हजार रुपए प्रतिमाह आय अर्जित करके परिवार का पालन पोषण करती थी, किंतु उक्त घटना में आई स्थायी अयोग्यता के कारण वह उठने-बैठने, चलने-फिरने एवं दैनिक जीवन का कार्य करने में स्थायी रूप से अयोग्य हो गई है। अधिकरण के पीठासीन अधिकारी राजेन्द्र कुमार पाटीदार के समक्ष वाहन मालिक व चालक का कहना था कि उनके वाहन से कोई एक्सीडेंट नहीं हुआ। ममता के वाहन पर चार व्यक्ति बैठे थे, इसलिए स्वयं उनकी लापरवाही से घटना हुई है।
घटना के समय बीमा कंपनी के पास बीमित था, इसलिए मुआवजा देने हेतु उनका दायित्व न होकर बीमा कंपनी का है। अधिकरण ने दावा आंशिक रूप से स्वीकार कर आदेश दिया है कि ICICI लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस को आदेश दिया है कि वह घायल को एक लाख 23 हजार रूपए मुआवजे के तौर पर चुकाएं। इसके बाद बीमा कंपनी अपने हिसाब से गाड़ी मालिक व चालक से यह राशि वसूलें।