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ग्वालियरकुछ ही क्षण पहले
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व्यापारी कन्हैयालाल राठौर, इन्होंने मंगलवार को तीसरी मंजिल से कूदकर जान दे दी
- कंपू निंबालकर की गोठ में मंगलवार शाम की घटना
- सुसाइड नोट में व्यापारी ने मौत के लिए सूदखोरों को बताया जिम्मेदार
शहर के एक व्यापारी ने सूदखोरों (ब्याज पर पैसा चलाने वाले) से परेशान होकर अपनी जान दे दी। व्यापारी घर की तीसरी मंजिल पर पहुंचा और छत से नीचे छलांग लगा दी। घटना निंबालकर की गोठ में मंगलवार शाम की है। घायल व्यापारी को परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने व्यापारी को मृत घोषित कर दिया। यह कदम उठाने से पहले व्यापारी ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है। जिसमें उससे मूल से भी चार गुना ब्याज वसूलने वाले 14 लोगों के नाम लिखे हैं। इन्हीं को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया है। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर मर्ग कायम कर लिया है।

इसी मकान की तीसरी मंजिल से व्यापारी ने कूदकर खुदकुशी की है
शहर के कंपू थानाक्षेत्र स्थित निंबालकर गोठ निवासी 59 वर्षीय कन्हैयालाल राठौर पुत्र बाबूलाल राठौर व्यवसायी थे। उनका पान का व्यवसाय था। पिछले कुछ समय से वह काफी तनाव में चल रहे थे। शहर के कुछ सूदखोरों से उन्होंने पैसा कर्ज ले रखा था। पर मूल रकम अदा करने के बाद भी सूदखोर उन्हें और पैसा देने के लिए धमका रहे थे। कई बार वह पुलिस से भी मदद मांग चुके थे। पर सूदखोर लगातार दबाव बना रहे थे। कभी भी घर या दुकान पर आकर धमकाते थे। मंगलवार शाम व्यापारी कन्हैयालाल घर की तीसरी मंजिल पर पहुंचे और छत से नीचे छलांग लगा दी। व्यापारी के गिरने के बाद वहां भीड़ एकत्रित हो गई। व्यापारी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया है।

घटना के बाद व्यापारी के घर के बाहर लगी भीड़, सूदखोरों के खिलाफ लोगों का आक्रोश, सुसाइड नोट को पुलिस ने जांच में लिया
सूदखोर कर रहे थे परेशान
पता लगा है कि व्यापारी ने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए कुछ समय पहले शहर के 12 से 15 लोगों से कुछ रुपया ब्याज पर उठाया था। बाजार से पैसा मोटे ब्याज पर उठा तो लिया, लेकिन फिर चक्रवति ब्याज के जाल में फंसते ही चले गए। समय-समय पर वह ब्याज देते चले गए। पर लॉकडाउन में स्थिति कुछ खराब हुई तो ब्याज नहीं दे पाए, लेकिन उसके बाद उन्होंने जिससे एक लाख रुपए लिए थे उसे 2 से 3 लाख रुपए तक दे दिए। इसके बाद भी सूदखोर उन पर 5-5 लाख रुपए बकाया बताकर धमका रहे थे। उनके बेटे का कहना है कि कुल मिला कर 12 से 15 लाख रुपए का बकाया होगा, लेकिन सूदखोर इसका तीन गुना मांग रहे थे।
सुसाइड नोट में व्यापारी और बैंक कर्मचारी का नाम
व्यापारी द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में 14 नाम व्यापारी ने अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताए हैं। इनमें कुछ शहर के बड़े व्यापारी जिनका काम ब्याज पर पैसा चलाने का है। कुछ प्रॉपर्टी डीलर और दो बैंक कर्मचारी भी शामिल हैं।