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रतलाम2 घंटे पहले
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- किसानों का तर्क : लॉकडाउन में नहीं बढ़ाए थे दाम, बढ़ रही महंगाई
पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम बढ़ने के बाद अब महंगाई के एक और बड़े झटके के लिए तैयार हो जाइए…। अगले महीने से आपको दूध के ज्यादा दाम चुकाने पड़ सकते हैं। किसानों ने मंगलवार को दाम बढ़ाने का फैसला कर लिया है। किसानों की मानंे तो वे 1 मार्च से दूध के दाम 55 रुपए लीटर कर देंगे, जबकि अभी 43 रुपए लीटर है। इधर, अभी व्यापारियों ने दाम बढ़ाने की सूचना होने से इनकार किया है।
मंगलवार को दूध-उत्पादक कालिका माता मंदिर परिसर में एकत्र हुए। मीटिंग के बाद उत्पादकों ने दूध के दाम 55 रुपए लीटर करने का फैसला लिया। 1 मार्च से ही बढ़े हुए दाम को लागू करने पर चर्चा चली। इस पर सभी ने सहमति दे दी। दूध के दाम बढ़ाने के पीछे तर्क था कि लॉकडाउन में लोगों की परेशानी को देख दाम बढ़ाने का फैसला ले लिया था। खली, भूसा के दाम बढ़ चुके हैं, अब परेशानी हो रही है। व्यापारियों की बैठक बाकी है।
किसान : पशुओं का खर्च निकालना मुश्किल हुआ
किसान जयेंद्रसिंह भाटी ने बताया लॉकडाउन के कारण सभी परेशान थे। किसी की परेशानी ना बढ़े ऐसे में हमने दूध के दाम नहीं बढ़ाने का फैसला लिया था। लेकिन, अब मौजूदा दूध के दाम में पशुओं का खर्च निकालना मुश्किल है। हम भी परेशानी में हैं।
विक्रेता : मीटिंग में सब आपस में चर्चा करेंगे
दूध विक्रेता बाला पटेल ने बताया दूध के दाम बढ़ाने के लिए अभी हमारे पास कोई नहीं पहुंचा है। सूचना मिलने के बाद आगे का फैसला लेंगे। सभी दूध विक्रेता आपस में चर्चा कर दूध के दाम बढ़ाने पर सहमति देते है। इसके लिए मीटिंग होती है।
1 अप्रैल 2020 से बढ़ना थे दूध के दाम : किसानों ने पिछले साल फरवरी के महीने में दूध के दाम बढ़ाने का फैसला लिया था। किसानों ने 55 रुपए प्रति लीटर दूध करने की मांग की थी। हालांकि, विक्रेता तैयार नहीं हुए थे। आपसी सहमति के बाद 2 रुपए लीटर दाम बढ़ाने पर फैसला हुआ था। 1 अप्रैल से दाम बढ़ना थे, लेकिन कोराेना काल और लॉकडाउन के चलते दूध के दाम नहीं बढ़ाने का फैसला लिया था।