अशोक डिंडा ने हाल में ही क्रिकेट से संन्यास लिया है (फोटो साभार-ANI)
36 साल के पूर्व तेज गेंदबाज अशोक डिंडा ने भारत के लिए 13 वनडे और 9 टी20 मैच खेले. डिंडा ने साल 2009 में एमएस धोनी की कप्तानी में इंटरनेशनल डेब्यू किया था. अब वह बीजेपी में शामिल हो गए.
- News18Hindi
- Last Updated:
February 24, 2021, 8:15 PM IST
धोनी के साथ खेल चुके हैं डिंडा
36 साल के इस तेज गेंदबाज ने भारत के लिए 13 वनडे और 9 टी20 मैच खेले. डिंडा ने साल 2009 में एमएस धोनी की कप्तानी में इंटरनेशनल डेब्यू किया था. डिंडा को श्रीलंका के खिलाफ नागपुर टी20 में पहली बार खेलने का मौका मिला था. इसके बाद वो 2010 में जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे डेब्यू करने में भी कामयाब रहे. डिंडा ने भारत के लिए 12 वनडे और 17 टी20 विकेट लिये. हालांकि 2013 के बाद वो टीम इंडिया से बाहर हो गए और उसके बाद उनकी वापसी नहीं हुई.
डिंडा का इंटरनेशनल करियर 2013 में ही खत्म हो गया लेकिन पिछले 7 सालों में उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपना जलवा दिखाया. डिंडा ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 420 विकेट लिये. यही नहीं उनके नाम लिस्ट ए और टी20 में 151-151 विकेट हैं.अशोक डिंडा के करियर की बड़ी बातें
अशोक डिंडा ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 420 विकेट झटके हैं, वो बंगाल के दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं. अशोक डिंडा आईपीएल में 5 टीमों का हिस्सा रहे. वो दिल्ली डेयरडेविल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स, पुणे वॉरियर्स, राइजिंग पुणे सुपरजाइंट और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की ओर से खेले. अशोक डिंडा ने आईपीएल में 78 मैचों में 69 विकेट झटके. दाएं हाथ के तेज गेंदबाज डिंडा का पहला आईपीएल विकेट विराट कोहली थे.
अशोक डिंडा ऐसे बने क्रिकेटर
अशोक डिंडा के फर्श से अर्श तक पहुंचने की कहानी बेहद दिलचस्प है. अशोक डिंडा कोलकाता से 3 घंटे की दूरी पर एक छोटे से गांव मोयना, मेदनीपुर में रहते थे. साल 2004-05 में डिंडा कोलकाता में एक ट्रायल देने आए. जहां उनकी गेंदबाजी देख कोच अटल देव बर्मन बेहद प्रभावित हुए. वहीं से डिंडा के करियर की शुरुआत हुई. डिंडा ने जल्द ही रणजी टीम में जगह बनाई और उसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा. अशोक डिंडा बेहद मेहनती गेंदबाज थे. उनके बारे में साउथ अफ्रीका के महान तेज गेंदबाज एलेन डोनाल्ड ने कहा था कि उन्होंने डिंडा जैसा मेहनती गेंदबाज कभी नहीं देखा. अशोक डिंडा का इंटरनेशनल करियर जहीर खान, आशीष नेहरा जैसे गेंदबाजों की वजह से थोड़ा फला-फूला नहीं लेकिन यकीन मानिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में इस गेंदबाज का अलग ही रुतबा रहा.