इंदौर में एक बार फिर कोरोना के मामले बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं. (फाइल फोटो)
जानकारी के अनुसार 100 लोगों के नमूने लेकर दिल्ली भेजे गए हैं. साथ ही कोरोना संक्रमित कुछ लोगों के नमूनों को पुणे भी भेजा गया है.
कोविड-19 की रोकथाम के लिए जिले के नोडल अधिकारी अमित मालाकार ने संवाददाताओं को बताया, ‘हमने कोविड-19 के 100 मरीजों के नमूने जीनोम अनुक्रमण के लिए दिल्ली के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) भेजे हैं. इसके अलावा, संक्रमितों के कुछ नमूने पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) भी भेजे गए हैं. ‘
उन्होंने बताया कि इन नमूनों की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चल सकेगा कि जिले में सार्स-सीओवी-2 का कोई नया स्वरूप सक्रिय है या नहीं? मालाकार ने कहा, ‘हाल के दिनों में जिले में कोविड-19 के मामले बढ़ने का कारण महामारी से बचाव के प्रति आम लोगों की जागरूकता में कमी है. इसके अलावा, मौजूदा मौसमी बदलाव किसी भी संक्रामक बीमारी के वायरस के फैलाव के लिए मुफीद है.’
उन्होंने यह भी बताया कि जिले में कोविड-19 के मरीजों के लिए 46 अस्पतालों में फिलहाल करीब 3,000 बिस्तर उपलब्ध हैं और जरूरत पड़ने पर इस क्षमता को बढ़ाकर 4,500 बिस्तरों तक पहुंचाया जा सकता है.नोडल अधिकारी ने बताया, ‘कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के चलते हमने सरकारी और निजी अस्पतालों के प्रबंधन को सतर्क करते हुए कहा है कि वे महामारी से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखें.’आधिकारिक जानकारी के मुताबिक करीब 35 लाख की आबादी वाले इंदौर जिले में गत 24 मार्च से लेकर 23 फरवरी तक कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 59,101 मरीज मिले हैं. इनमें से 931 मरीजों की मौत हो चुकी है.