उच्च शिक्षा विभाग: छात्रवृति के मामलों को 10 दिन में निपटाये,पोर्टल पर ही अपलोड नहीं हो पाए सैकड़ों आवेदन

उच्च शिक्षा विभाग: छात्रवृति के मामलों को 10 दिन में निपटाये,पोर्टल पर ही अपलोड नहीं हो पाए सैकड़ों आवेदन



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इंदौरएक मिनट पहले

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कोरोना के साथ ही छात्रों की कमर स्कॉलरशिप नहीं मिलने से टूट रही है । दरअसल सरकारी बजट से लेकर तो कई गलतियों की वजह से छात्रवृति अटकने की बात सामने आई है। आधार नंबर, कोर्स का नाम गलत दर्शाने, मोबाइल नंबर नहीं होने आदि विभिन्न् कारणों से सैकड़ों विद्यार्थियों की छात्रवृाि की रुकी है। 2017-18, 2018-19 और 2019- 20 सत्र के विद्यार्थी छात्रवृति को लेकर परेशान है। बीते दिनों छात्रवृति को लेकर समीक्षा की गई, जिसमें उच्च शिक्षा विभाग ने इन प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए है। इसके लिए दस दिन का समय रखा है।

विद्यार्थियों के ऑफलाइन फॉर्म मंगवाए : बैठक में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति और आवास सहायता योजना से जुड़े आवेदनों की समीक्षा हुई। जहां अधिकांश फॉर्म में जाति, समग्र आइडी, आधार नंबर, कोर्स नहीं दर्शाने जैसी त्रृटियां मिली है। यहां तक कुछ विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम समय पर जमा नहीं होना भी पाया गया। इसके चलते छात्रवृाि पोर्टल पर आवेदन अपलोड नहीं हुए हैं। अब विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जिला अधिकारियों को निर्देश देकर विद्यार्थियों से ऑफलाइन आवेदन बुलवाए है, जिसमें 2017-18, 2018-19 और 2019-20 सत्र के विद्यार्थियों को शामिल किया है। आवेदन मिलने के बाद कमेटी को जांच करना है।

फिर छात्रवृति पोर्टल पर विद्यार्थियों के आवेदन को अपलोड करना होगा। छात्रवृति और आवास सहायता राशि विद्यार्थियों के खातों में जमा की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक जिन विद्यार्थियों के आवेदनों में गलतियां है उन्हें सुधार कर दोबारा कॉलेज में जमा करना है। यह काम दस दिनों में पूरा करना है।विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थानों ने अपने यहां संचालित कोर्स की फीस पोर्टल पर नहीं दर्शाई है। वे तुरंत इसकी जानकारी उपलोड करें। अधिकारियों के मुताबिक ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों को सरकारी कालेजों में कोर्स फीस के आधार पर राशि दी जाएगी। छात्रवृति संबंधित समस्याओं का निराकरण 5 मार्च तक करना है। । उसके बाद विभाग लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारी पर कार्रवाई करेंगे।

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