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ग्वालियर3 मिनट पहले
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व्यापारियों की संस्था कैट के आव्हान पर बंद दाल बाजार, दोपहर 2 बजे तक शटर इसी तरह बंद रहा
- सराफा, लोहिया और दाल बाजार सहित प्रमुख बाजार रहे बंद
- मुरार और उपनगर ग्वालियर के बाजार भी रहे बंद
- सड़कों पर रोज की तरह रही चहल-पहल
GST के नए व जटिल प्रावधानों के विरोध में व्यापारियों का आक्रोश शुक्रवार को बाजारों में साफ दिखाई दिया है। दोपहर 2 बजे तक आधे दिन के बंद के व्यापारिक संगठनों के आव्हान पर शहर के सराफा, लोहिया, दाल बाजार सहित अन्य प्रमुख बाजारों में दुकानों के शटर बंद ही रहे। साथ ही शहर के मुरार और उपनगर ग्वालियर में भी बाजारों में बंद का अच्छा खासा असर दिखा है। हालांकि बाजारों से बाहर निकले तो सड़कों पर आम दिनों जैसी चहल-पहल नजर आई है। वाहनों की रफ्तार पहले जैसी नजर आई है। सीधे शब्दों में कहें तो व्यापारियों के बंद का असर बड़े बाजारों में दिखा है। ग्वालियर व्यापार मेला में भी शुक्रवार दोपहर तक दुकानों के शटर नहीं खुले हैं।

बाजारों में व्यापारी इसी तरह टेंट लगाकर प्रदर्शन करते नजर आए
GST के जटिल प्रावधानों के विरोध में 26 फरवरी को भारत व्यापार बंद में ग्वालियर बंद को कई संगठनों का समर्थन मिला है। व्यापारिक संस्था कैट व अन्य व्यापारिक संगठन, चैंबर ऑफ कॉमर्स के आव्हान पर ग्वालियर में व्यापारियों का आधे दिन का बंद दोपहर 1 बजे तक लगभग सफल नजर आ रहा है। क्योंकि शहर के जितने भी प्रमुख बाजार हैं उनमें सराफा बाजार, लोहिया बाजार, दाल बाजार, दौलतगंज, दही मंडी, माधवगंज व बाड़ा पर सभी प्रमुख बाजार बंद रहे हैं। यहां सुबह से दुकानों के शटर डाउन रहे और व्यापारिक संठगन बाजारों के बाहर टेंट लगाकर प्रदर्शन करते नजर आए हैं। दाल बाजार में व्यापारी संस्था कैट व स्थानीय व्यापारियों ने बाजार के कॉर्नर पर टेंट लगाकर प्रदर्शन भी किया। माइक पर व्यापारियों ने अपनी नीतियों के बारे में बताया। साथ ही एनाउंसमेंट करते रहे कि कोई भी किसी से जबरदस्ती न करे। यातायात जाम होने पर वाहनों को एक-एक कर निकलने का भी मैसेज देते रहे। इस अवसर पर कैट के मध्य प्रदेश के अध्यक्ष भूपेन्द्र जैन ने बताया कि 27 से ज्यादा संगठन ने बंद में हमें समर्थन दिया है और स्वेच्छा से पूरा बंद है। यह बंद आम व्यापारियों का बंद है।
मेला में भी नहीं खुले दुकानों के शटर
जीएसटी के प्रावधानों के विरोध में मेला व्यवसायी संघ ने भी समर्थन दिया है। शुक्रवार को यहां मेला व्यापारियों ने भी बंद में भागीदारी निभाई। दोपहर तक मेला में दुकानें नहीं खुलीं। मेला में वैसे भी दोपहर बाद ही व्यापारी दुकानें खोलते हैं, क्योंकि यहां दोपहर बाद ही लोगों का आना शुरू होता है।

बाजारों में दिखा बंद पर सड़क पर आम दिनों सी रही चहल-पहल
मुरार-ग्वालियर के बाजार भी बंद
व्यापारिक संगठनों के आव्हान पर बंद में उपनगर मुरार और उपनगर ग्वालियर के सराफा बाजार, किलागेट बाजार व सदर बाजार भी बंद रहे हैं। यहां भी आधे दिन का बंद सफल रहा है।
चौराहों पर चहल-पहल, पुलिस रही तैनात
बाजार बंद के दौरान बाजारों में जहां शटर बंद रहे और बंद का व्यापक असर दिखाई दिया है वहीं शहर की सड़कों पर आम दिनों जैसी चहल-पहल रही है। ट्रैफिक की रफ्तार उतनी तो नहीं थी जितनी होती है, लेकिन कम भी नहीं थी। सिर्फ बाजारों की ओर जाने वाले सवारी वाहनों में लोग नजर नहीं आए हैं। सड़क पर पुलिस भी तैनात रही है जिससे किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।