टीम इंडिया ने पिंक बॉल से तीन टेस्ट खेले हैं. 2 जीते जबकि एक में हार मिली.
भारत और इंग्लैंड के बीच पिंक बॉल से खेला गया टेस्ट सिर्फ दो दिन में खत्म हो गया. एक भी पारी में 150 रन का स्कोर नहीं बना सका. हालांकि पिच को लेकर बहस जारी है.
- News18Hindi
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February 26, 2021, 4:51 PM IST
डे-नाइट टेस्ट की बात की जाए तो अब तक 16 मुकाबले खेल गए हैं और सभी के रिजल्ट भी आए हैं. यानी 100 फीसदी. डे-नाइट टेस्ट में हर 27 रन पर एक विकेट गिरता है जबकि डे टेस्ट की बात करें तो हर 32 रन पर एक विकेट गिरता है. यानी डे टेस्ट बल्लेबाजों के लिए अधिक अनुकूल है. वहीं गेंदबाजी की बात करें तो डे-नाइट टेस्ट में हर 52वीं गेंद पर एक विकेट गेंदबाज झटकता है जबकि डे टेस्ट में 61 गेंद फेंकना पड़ता है. यानी डे-नाइट टेस्ट में गेंदबाजी हावी रहते हैं.
हर ओवर का रनरेट लगभग बराबर हैडे-नाइट टेस्ट की बात की जाए तो हर ओवर में 3.03 रन बनते हैं जबकि डे टेस्ट में 3.09 रन. यानी दोनों में रनरेट एक समान है. शतक की बात की जाए तो हर डे-नाइट टेस्ट में 1.31 शतक लगते हैं जबकि डे टेस्ट में 1.74 शतक. यानी शतक के मामले में भी डे टेस्ट अधिक सफल है. वहीं हर टेस्ट में पांच विकेट की बात की जाए तो यहां भी डे टेस्ट का रिकॉर्ड अच्छा है. हर 1.50 डे-नाइट टेस्ट में एक गेंदबाज पांच विकेट लेता है जबकि डे टेस्ट सिर्फ 0.86 टेस्ट में गेंदबाज को पांच विकेट मिल जाता है. भारत में अब तक सिर्फ दो डे-नाइट टेस्ट खेला गया है. हालांकि बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली पहले ही साफ कर चुके हैं कि देश में खेली जाने वाली हर सीरीज का एक मैच पिंक बॉल से खेला जाएगा.