IND VS ENG: नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच खराब थी? (फोटो-पीटीआई)
अहमदाबाद टेस्ट में भारत ने 10 विकेट से इंग्लैंड को हराया, ये मुकाबला महज 2 दिन में खत्म हो गया. इस मैच की पिच (Ahmedabad Pitch) पर कई खिलाड़ियों ने सवाल खड़े किये. इंग्लैंड के कप्तान जो रूट (Joe Root) ने कहा पिच सही थी या नही-फैसला आईसीसी करेगी.
- News18Hindi
- Last Updated:
February 26, 2021, 5:49 AM IST
आईसीसी की वेबसाइट के मुताबिक खराब पिच एक ऐसा ट्रैक होता है जहां गेंद और बल्ले के बीच संतुलित मुकाबला ना हो. वेबसाइड के मुताबिक, ‘अगर पिच बल्लेबाजों के ज्यादा मुफीद हो और गेंदबाजों को जरा भी मदद नहीं मिल रही हो. या फिर पिच में ज्यादा स्पिन या सीम हो और बल्लेबाजों को रन बनाने का मौका ना मिल रहा हो तो उसे खराब पिच कहा जाता है. अगर पिच में स्पिनर्स को बहुत ज्यादा मदद मिल रही हो तो वो भी खराब पिच की श्रेणी में आती है. भारतीय उपमहाद्वीप में पहले दिन कुछ डिग्री तक गेंद घूमना गलत नहीं है लेकिन उसके साथ असमान उछाल नामंजूर है.’
इन पिचों को बताया गया खराब
साल 2018 में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच जोहानिसबर्ग टेस्ट मैच की पिच को खराब श्रेणी में रखा गया था. खेल के तीसरे दिन असमान उछाल की वजह से इस पिच पर सवाल खड़े हुए थे और खेल को रोकना तक पड़ा था. साल 2017 में भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच पुणे टेस्ट में इस्तेमाल हुई पिच को भी खराब करार दिया गया था जबकि उसपर स्टीव स्मिथ ने शतक भी लगाया था और तेज गेंदबाज उमेश यादव ने चार विकेट भी झटके थे. अब अगर अहमदाबाद टेस्ट की बात करें तो यहां तेज गेंदबाजों को 30 में 2 विकेट मिले. 28 विकेट स्पिनर्स ने लिये और 17 विकेट तो एक ही दिन में गिर गए. अब आईसीसी इसे खराब पिच करार देती है या नहीं ये तो जल्द पता चल जाएगा.यह भी पढ़ें: IND vs ENG: पिता से उधार लेकर खेला क्रिकेट, जानें क्यों पंत ने अक्षर को कहा ‘जयसूर्या’
खराब पिच होने पर क्या कार्रवाई होती है?
खराब पिच होने पर उस मेजबानी स्थल पर दो साल तक का बैन लग सकता है. अगर कोई स्टेडियम पांच डीमेरिट अंक तक पहुंचता है तो आईसीसी उसकी मान्यता 12 महीने यानि एक साल तक बैन करती है. वहीं 10 डीमेरिट अंकों पर 2 साल तक उस स्टेडियम में मैच नहीं हो सकता.