छतरपुर में विहिप कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को इप्टा के खिलाफ दिया था ज्ञापन.
मध्य प्रदेश के छतरपुर में भारतीय जननाट्य संघ के वार्षिक समारोह में संस्कृति विरोधी नाटकों के मंचन के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद ने दी थी उग्र आंदोलन की चेतावनी. इप्टा ने कहा- भीड़ को देखते हुए रद्द किया गया आयोजन.
- News18Hindi
- Last Updated:
February 27, 2021, 4:15 PM IST
उधर, कार्यक्रम का आयोजन करने वाले संगठन इप्टा ने इस बाबत कहा है कि हिंदू धर्म या संस्कृति विरोधी कोई कार्यक्रम नहीं किया जा रहा था. छतरपुर इप्टा से जुड़े कलाकार शिवेंद्र शुक्ला ने न्यूज 18 के साथ बातचीत में कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए जिला आपदा प्रबंधन की बैठक में जो दिशा-निर्देश दिए गए थे, उसके तहत ही यह कार्यक्रम आयोजित किया जाना था. लेकिन अब भीड़ होने की वजह से इसे स्थगित कर दिया गया है.
इससे पहले विश्व हिंदू परिषद ने अनुविभागीय दंडाधिकारी के नाम सौंपे अपने ज्ञापन में कहा था कि छतरपुर में किशोर सागर के पास स्थित ऑडिटोरियम में इप्टा जिन नाटकों, ‘जाति ही पूछो साधु की’ और ‘बेशर्म मेव जयते’ जैसे कई संस्कृति विरोधी नाटकों का मंचन करने वाला है. इससे धर्म एवं संस्कृतिप्रेमियों में आक्रोश है. इस तरह के कार्यक्रम से संस्कृति प्रेमियों की भावनाएं आहत होती हैं. परिषद ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा था कि इप्टा को सरकारी ऑडिटोरियम में यह आयोजन करने की अनुमति दी गई है, उसे तुरंत वापस लिया जाए, वरना उग्र आंदोलन किया जाएगा.