‘टाइगर स्टेट’ मध्य प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में 93 बाघों की हुई मौत, शिकार के आरोप में 77 गिरफ्तार

‘टाइगर स्टेट’ मध्य प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में 93 बाघों की हुई मौत, शिकार के आरोप में 77 गिरफ्तार


पिछले तीन वर्षों के दौरान बाघों के शिकार के 25 प्रकरण दर्ज किये गये हैं, जिनमें अभी तक 77 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

भोपाल. ‘टाइगर स्टेट’ (Tiger State) का दर्जा प्राप्त मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में पिछले तीन वर्षों में 93 बाघों के मौत हुई है. प्रदेश के वन मंत्री कुंवर विजय शाह (Kunwar Vijay Shah) ने सोमवार को कांग्रेस के विधायक सतीश सिकरवार द्वारा विधानसभा में उठाये गये प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में एक जनवरी, 2018 से जनवरी 2021 की अवधि में बाघ अभयारण्यों, राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यप्राणी अभयारण्यों में 93 बाघों की मौत हुई है. उन्होंने कहा कि इनमें से 25 बाघों की मृत्यु अवैध शिकार जबकि शेष बाघों की मृत्यु (Tigers Death) प्राकृतिक कारणों जैसे बीमारी, आपसी लड़ाई, वृद्धावस्था आदि के कारण हुई है.

शाह ने बताया कि इस अवधि में बाघों के शिकार के 25 प्रकरण दर्ज किये गये हैं, जिनमें अभी तक 77 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

बता दें कि 31 जुलाई, 2019 को जारी हुए राष्ट्रीय बाघ आंकलन रिपोर्ट 2018 के अनुसार 526 बाघों के साथ मध्य प्रदेश ने प्रतिष्ठित ‘टाइगर स्टेट’ का अपना खोया हुआ दर्जा कर्नाटक से आठ साल बाद फिर से हासिल किया है. इससे पहले, वर्ष 2006 में भी मध्य प्रदेश को 300 बाघों के होने के कारण ‘टाइगर स्टेट’ का दर्जा प्राप्त था. लेकिन कथित तौर पर शिकार आदि की वजह से वर्ष 2010 में बाघों की संख्या घटकर 257 रह गई थी, जिसके कारण कर्नाटक ने मध्य प्रदेश से टाइगर स्टेट का दर्जा छीन लिया था. तब कर्नाटक में 300 बाघ थे. (भाषा से इनपुट)








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