bhopal-शिवराज सरकार कल 2 मार्च को अपना बजट पेश कर रही है.
Bhopal : आम महिलाएं हों या नेताओं की पत्नियां, बजट पर सबकी नज़र रहती है. सबको उम्मीद रहती है कि सरकार महंगाई न बढ़ाए.विकास हो.बच्चों को अच्छा एजुकेशन और नौकरी मिले.कम खर्च में रसोई आबाद रहे.
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया की पत्नी शिवा राजे सिसोदिया का कहना है मुझे पूरी उम्मीद है कि इस बार का बजट सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय वाला ही होगा.सरकार बजट में महिलाओं के बारे में प्रावधान जरूर करें. खासकर ग्रामीण महिलायें पर फोकस करें.ग्रामीण इलाकों की महिलाएं अब भी सबसे ज़्यादा पिछड़ी हैं.एजुकेशन में सुधार के साथ रोज़गार को बढ़ावा दिया जाए.एजुकेशन फ़ीस कम करें.
क्या कहती हैं सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया की पत्नी
शिवराज सरकार में सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया की पत्नी अर्चना भदौरिया का कहना है कि एमपी सरकार जनता के हित में काम करती रही है.इस बार हम सभी कोरोना संकट से गुजर रहे हैं तो सरकार स्वास्थ्य,महिलाओं के स्वास्थ्य,बच्चों के पोषण और क्वालिटी एजुकेशन पर ध्यान दे.रोजगार के लिए युवाओं को बाहर ना जाना पड़े. इसके लिए रोजगार मूलक पढ़ाई हो.महिलाएं सशक्त हों इस पर सरकार बजट में महिलाओं के बारे में जरूर सोचे.आत्म निर्भर बजट से प्रोग्रेस होगी लेकिन कोरोना काल में एजुकेशन में हम एक साल जो पिछड़ गए हैं उसकी भरपाई के लिए सरकार बजट में प्रावधान जरूर करे.सरकार से नाराज़ हैं पूर्व मंत्री पीसी शर्मा की पत्नी और बहू
कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे और कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा की बहू रूपाली शर्मा का कहना है सरकार आम आदमी को राहत देने के बारे में सोचे. रोज़गार नहीं है पेट्रोल डीज़ल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. इतने दाम बढ़ेंगे तो लोग क्या खाएंगे कैसे घर चलाएंगे.सबसे बड़ा मुद्दा है महंगाई.सारी चीजें इसी से जुड़ी हैं तो इन सब पर ध्यान दे. पीसी शर्मा की पत्नी का कहना है डीज़ल पेट्रोल के दाम कम हों क्योंकि उसी से सब पर असर पड़ता है.पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ते ही सब्ज़ी अनाज महंगे होते है.एजुकेशन महंगी होती है बसो का किराया बढ़ता है.तो सरकार इसमें राहत दे.ग़रीब और मिडिल क्लास का ध्यान बजट में सरकार जरूर रखे.
चुरहट विधायक की पत्नी को बजट से है काफी उम्मीद
चुरहट से भाजपा के विधायक शरदेंदु तिवारी की पत्नी प्रोफेसर डॉ प्रवीण तिवारी का कहना है मैं महिलाओं के बीच काम करती हूं. उनकी सबसे बड़ी परेशानी रोज़गार है.हमारी जनसंख्या में सबसे ज्यादा युवा हैं.युवाओं के साथ ग्रामीण इलाकों में रोजगार सबको मिले इसके लिए सरकार अपने बजट में सूक्ष्म और लघु उद्योगों पर ध्यान दे.छोटे छोटे उद्योगों को बढ़ाएंगे तो रोज़गार ज़्यादा मिलेगा.ग्रामीण इलाक़ों में स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार की ज़रूरत है.शिक्षा के स्तर में सुधार ज़रूरी है.