सचिन तेंदुलकर ने 2003 में पाकिस्तान के खिलाफ 98 रन की शानदार पारी खेली थी. (Sachin Tendulkar/Instagram)
सचिन ने 75 गेंदों पर 12 चौके और एक छक्के की मदद से 98 रन बनाए थे. वह शतक से चूक गए थे और शोएब अख्तर की गेंद पर आउट हुए थे. सचिन की कमर में काफी दर्द था और उन्होंने उसी के साथ यह शानदार बल्लेबाजी की थी.
सचिन ने 75 गेंदों पर 12 चौके और एक छक्के की मदद से 98 रन बनाए थे. वह शतक से चूक गए थे और शोएब अख्तर की गेंद पर आउट हुए थे. सचिन की कमर में काफी दर्द था और उन्होंने उसी के साथ यह शानदार बल्लेबाजी की थी.
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक वर्ल्ड कप 2003 में सचिन तेंदुलकर की 98 रन की पारी को उनकी सर्वश्रेष्ठ पारियों में मानते हैं. इंजमाम ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने उससे पहले सचिन को उस तरह बल्लेबाजी करते हुए नहीं देखा था. पाकिस्तान के महान बल्लेबाज ने कहा था, ”मैंने सचिन को काफी खेलते हुए देखा है, लेकिन जिस तरह वह उस मैच में बल्लेबाजी कर रहे थे मैंने उससे पहले उन्हें उस अंदाज में बैटिंग करते नहीं देखा. जिस तरह उन्होंने उस परिस्थितयों में हमारे तेज गेंदबाजों का सामना किया वह कमाल था.”पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सईद अनवर के शानदार शतक की मदद से स्कोरबोर्ड पर 276 रन टांगे. सेंचुरियन की तेज पिच पर इस लक्ष्य का बचाव करने के लिए पाकिस्तान के पास वकार यूनिस, वसीम अकरम और शोएब अख्तर जैसे तेज गेंदबाज थे. ऐसे में सभी को ऐसा लग रहा था कि टीम इंडिया इस मैच को शायद ही जीत पाएगी. हालांकि जब सचिन और सहवाग क्रीज पर उतरे तो सभी का शक दूर हो गया. दुनिया के सबसे तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने भारतीय पारी की 10वीं गेंद सचिन तेंदुलकर को फेंकी जिसकी रफ्तार 150 किमी से ज्यादा थी और मास्टर ब्लास्टर ने इस गेंद पर ऐसा छक्का लगाया, जिसे आज तक दुनिया याद करती है.
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सचिन तेंदुलकर ने शोएब अख्तर की बाउंसर को कट किया और गेंद थर्ड मैन के ऊपर से 6 रनों के लिए चली गई. सचिन ने इस पारी में कई बेहतरीन शॉट्स खेले और सहवाग के साथ महज 32 गेंदों में अर्धशतकीय साझेदारी की. इसके बाद कप्तान सौरव गांगुली पहली ही गेंद पर आउट हो गए, लेकिन सचिन क्रीज पर डटे रहे और उन्होंने मोहम्मद कैफ के साथ मिलकर टीम इंडिया के स्कोर को 150 पार पहुंचाया और साथ ही महज 37 गेंदों में अर्धशतक जमाया. हालांकि सचिन अपने इस अर्धशतक को शतक में तब्दील नहीं कर सके और 28वें ओवर में शोएब अख्तर की एक जबर्दस्त गेंद पर वो 98 रनों पर आउट हो गए. हालांकि टीम इंडिया ने फिर भी मैच जीता और सचिन ने अपने 12 हजार रन भी पूरे किए.
सचिन को 98 रनों की धुआंधार पारी के लिए ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया. ‘मैन ऑफ द मैच’ का पुरस्कार मिलने के बाद तेंदुलकर ने माना था कि इस मैच के बारे में वो करीब डेढ़ साल से सोच रहे थे. इस मैच में सचिन और शोएब अख्तर के मुकाबले की खासा चर्चाएं थी, जिसे उन्होंने एकतरफा अंदाज में जीत लिया. अख्तर की 25 गेंदों पर तेंदुलकर ने 49 रन ठोके और वसीम अकरम, वकार यूनिस, अब्दुल रज्जाक और शाहिद अफ्रीदी जैसे गेंदबाजों को भी नहीं बख्शा. 12 चौकों और 1 छक्के वाली इस पारी को कई जानकार क्रिकेट इतिहास के महानतम अर्धशतकों में से एक मानते हैं.
बता दें कि वर्ल्ड कप 2003 के 11 मैचों में सचिन तेंदुलकर ने 61.18 के औसत और 89.26 के स्ट्राइकरेट से 75 चौकों और 4 छक्कों के साथ 673 रन बनाए, जिसमें 1 शतक और 6 अर्धशतक शामिल थे. किसी भी एक वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में कभी भी एक बल्लेबाज ने इतने ज्यादा रन कभी नहीं बनाए थे.