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- During The Audition Of Mahabharata Serial, I Read The Script Of The Request From Govinda And I Should Write In English, I Did Not Know Hindi Then, Arjun Was Chosen Among 23 Thousand People: Feroz Khan
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भोपाल7 मिनट पहलेलेखक: राजेश गाबा
महाभारत में अर्जुन का किरदार निभाने वाले अभिनेता फिरोज खान।
एक किरदार किसी कलाकार की पहचान बन जाता है। बीआर चोपड़ा के महाभारत सीरियल में जैकी श्राफ को पहले अर्जुन का रोल ऑफर किया गया है। इस रोल के लिए 23 हजार लोगों का ऑडिशन लिया गया था। इसके बाद फिरोज खान को सिलेक्ट किया गया। यह किरदार उनकी पहचान बन गया। उनकी मां भी उन्हें अर्जुन के नाम से पुकारने लगी। आज वो अर्जुन के नाम से ही जाने जाते हैं। भोपाल आए एक्टर फिरोज खान से दैनिक भास्कर की एक्सक्लूसिव बातचीत।
फिरोज खान ने कहा कि बीआर चोपड़ा ने एक-एक रोल को ध्यान में रखकर कास्टिंग की थी। सीरियल में अर्जुन के रोल के लिए 23 हजार लोगों का ऑडिशन लिया गया था। इसके बाद मुझे सिलेक्ट किया गया। ‘महाभारत’ के पटकथा और संवाद लेखक डॉ राही मासूम रजा ने मुझसे कहा था कि ’23 हजार लोगों में सिलेक्शन हुआ है। इस तरह ‘महाभारत’ से मैं हमेशा के लिए अर्जुन बन गया।
गोविंदा से कहा था कि वो स्क्रिप्ट पढ़े और मैं अंग्रेजी में लिख लूं
अर्जुन के कैरेक्टर के लिए दिए गए ऑडिशन के दिनों को याद करते हुए फिरोज ने बताया कि- मैंने वहां ऑडिशन के दौरान दीपक पाराशर, राज बब्बर, जूही चावला और गोविंदा को देखा। महाभारत के लिए ऑडिशन चल रहे थे और गोविंदा ने मुझे बताया कि मुझे एक शॉट देना है। मुझे हिंदी में लिखे स्क्रिप्ट के दो पेज दिए गए जिसे देख मैंने गोविंदा से कहा कि वो हिंदी की पंक्तियों को पढ़ें ताकि मैं उन्हें अंग्रेजी में लिख सकूं। क्योंकि मुझे हिंदी नहीं आती थी।
और मैं बन गया अर्जुन
फिरोज खान ने ये भी कहा कि वो अर्जुन का किरदार निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार थे, हालांकि पहले ये रोल जैकी श्रॉफ को मिलने वाला था। अर्जुन ने आगे बताया- एक हफ्ते बाद जब मुझे वापस कॉल नहीं आई, तो मैं उनके ऑफिस गया। मुझे अपनी वेशभूषा और मूंछें पहनने के लिए कहा गया। मैं पहली मंजिल में चोपड़ा साहब के केबिन तक गया जहां वो राइटर, डॉ. राही मासूम रज़ा और पंडित नरेंद्र शर्मा के साथ बैठे थे। और तभी उन लोगों ने मुझे बताया कि मैं अर्जुन के किरदार के लिए सिलेक्ट हो गया हूं, जिसे सुन मेरी खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं रहा।
इस तरह मेरा नाम अर्जुन हो गया
फिरोज ने आखिर में ये भी खुलासा किया कि उन्होंने अपना नाम क्यों बदल दिया। जैसा कि फिरोज ने कहा, “जब भी मैं एक डायरेक्टर को फोन करता था, तो वे सोचते थे कि मैं फिरोज खान हूं और जब तक मैं उन्हें समझाता की मैं कौन हूं तब तक वो मुझे बाद में बुलाने की बात कहकर फोन रख देते थे। इससे मुझे काफी अपमान महसूस होता था। आखिर में चोपड़ा साहब और डॉ. रज़ा ने मुझे बोला कि आज से मेरा नया नाम अर्जुन होना चाहिए।
वाकई ये नाम मुझे वो सब कुछ देने वाला था जिसका मैंने सपना देखा था। यहां तक कि लास्ट में मेरी मां भी मुझे अर्जुन कहकर ही बुलाने लगी। फिरोज खान ने ‘महाभारत’ के अलावा फिल्मों में भी काम किया है। साल 1984 में फिरोज ने फिल्म ‘मंजिल-मंजिल’ से सिनेमा की दुनिया में कदम रखा और इसके बाद साल 1988 में फिरोज को ‘महाभारत’ में अर्जुन का किरदार निभाने का मौका मिला।