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- In The Name Of Land Survey In Guna, The Forest Guard Asked For Bribe, Said The Officer Sees The Map, Then Signs; Have To Pay Money Up
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गुना7 मिनट पहले
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कहा- 20 से 22 हजार वेतन मिलता है, उसमें से अधिकारियों को नहीं दूंगा।
- -वीडियो वायरल होते हुए कलेक्टर ने लिया संज्ञान, वनमंडल अधिकारी ने किया निलंबित
वनाधिकार पत्र के लिए भूमि सर्वेक्षण के नाम पर रिश्वत ली जा रही है। ऐसे ही मामले में एक वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो वायरल होने के बाद वनमंडल अधिकारी ने उसे निलंबित कर दिया। वीडियाे में दिख रहा है कि वन रक्षक एक हितग्राही से दो हजार की घूस मांग रहा है। वह कह रहा है कि अधिकारी नक्शा देखते हैं, इसके बाद ही साइन करते हैं। इसलिए 2 हजार रुपए तो कर दे।
वीडियो में वनरक्षक कह रहा है कि तत्काल ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है। हम तो यह भी नहीं ले जाएंगे, लेकिन ऊपर वाले हमसे मांगते हैं। हमें तो सिर्फ 20 से 22 हजार रुपए वेतन मिलती है। इसमें से थोड़े अधिकारी को दे देंगे। इसके बाद एक व्यक्ति से रिश्वत के पैसे लिए। एक रजिस्टर में कुछ एंट्री भी की और वनरक्षक ने कहा कि 1600 रुपए बाद में दे देना।
दरअसल आदिवासियों को वन भूमि पर पट्टे दिए जाने का प्रावधान है। इसके लिए एक प्रक्रिया अपनाई जाती है। भूमि पर वह कब से काबिज है, इसका सर्वेक्षण होता है। इसी के नाम पर आदिवासियों तक से रिश्वत मांगे जाने की घटना सवालिया निशान खड़ा करती है।
पहचान होने के बाद किया निलंबित
वीडियो वायरल होते ही वनरक्षक को निलंबित कर दिया। इसकी पहचान वन परिक्षेत्र उत्तर वनरक्षक अजय पटेलिया के रूप में हुई। वह खेरीखता बीट देखता है। मामले को कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम के संज्ञान आते ही वनमंडला अधिकारी मंकय चांदीवाल ने वनरक्षक को निलंबित कर दिया है। इस अवधि में उसका मुख्यालय वन परिक्षेत्र आरोन रहेगा।