- Hindi News
- Local
- Mp
- Indore
- Indore, Gwalior And Rewa Will Be Closed Soon, The Future Commissioners Of Government Press Employees Will Decide
Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप
इंदौर20 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
इंदौर स्थिति सरकारी प्रिंटिंग प्रेस का फोटो
इंदौर, ग्वालियर एवं रीवा स्थित शासकीय मुद्रणालय (प्रिंटिंग प्रेस ) बंद किए जाएंगे। पिछले दिनों मंत्रि परिषद में इस आशय का निर्णय लिया गया था। निर्णय के पालन में राज्य शासन द्वारा इन प्रिंटिंग प्रेस को बंद करने की स्वीकृति का आदेश जारी कर दिया गया है। शासकीय परिसंपत्तियों (अचल संपत्तियों) को छोड़कर शासकीय सेवकों के संबंध में निर्णय लिए जाने के लिए संभागायुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी।
प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारियों की पदस्थापना के संबंध में निर्णय लेने के लिए संभाग स्तरीय समिति में कलेक्टर, जिला पंजीयक, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण सहित नियंत्रक शासकीय मुद्रणालय द्वारा नामांकित अधिकतम 3 अधिकारी सदस्य होंगे। सदस्य सचिव के रूप में नियंत्रक प्रेस द्वारा नामांकित अधिकारी होगा। प्रिंटिंग प्रेस की शासकीय चल संपत्ति संभागीय समिति की अनुशंसा के आधार पर अन्य शासकीय कार्यालयों में संभव होने की स्थिति में हस्तांतरित की जाएगी। शेष परिसंपत्तियां निविदा के माध्यम से विक्रय की जाएंगी। इसके अलावा मुद्रणालय परिसर की भूमि का स्वामित्व राजस्व विभाग के अधीन रहेगा।
राज्य शासन द्वारा लिए गए निर्णय अनुसार ग्वालियर, इंदौर एवं रीवा प्रिंटिंग प्रेस के 1286 पदों में से 495 रिक्त पदों को समाप्त किया जाएगा। प्रिंटिंग प्रेस में भरे हुए 67 पदों पर कार्यरत शासकीय सेवकों को राजस्व विभाग के अंतर्गत अन्य कार्यालयों में प्रतिनियुक्ति पर भेजा जाएगा। उपरोक्त 67 पदों समेत कुल 118 पदों को मिलाकर कुल 185 पदों को सांख्येत्तर किया गया है। आदेश में प्रिंटिंग प्रेस के वर्तमान 114 श्रेणी के पदों को 13 श्रेणियों, जिनमें 8 तकनीकी एवं 5 गैर तकनीकी श्रेणी में किया गया है। भविष्य में केवल तकनीकी अमले की 7 श्रेणियों में ही रिक्त पदों की पूर्ति की जा सकेगी।
जमीन और बिल्डिंग नीलाम की जाएंगी
मुद्रणालय की शासकीय चल संपत्ति संभागीय समिति की अनुशंसा के आधार पर अन्य शासकीय कार्यालयों में संभव होने की स्थिति में हस्तांतरित की जाएगी। शेष परिसंपत्तियां निविदा के माध्यम से विक्रय की जाएगी। इसके अलावा मुद्रणालय परिसर की भूमि का स्वामित्व राजस्व विभाग के अधीन रहेगा।