उर्दू से परहेज: उज्जैन में चिंतामन गणेश रेलवे स्टेशन के साइन बोर्ड से उर्दू में लिखा स्टेशन का नाम मिटाया, DRM ने दिया नियमों का हवाला

उर्दू से परहेज: उज्जैन में चिंतामन गणेश रेलवे स्टेशन के साइन बोर्ड से उर्दू में लिखा स्टेशन का नाम मिटाया, DRM ने दिया नियमों का हवाला


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उज्जैन7 घंटे पहले

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उज्जैन के चिंतामन गणेश रेलवे स्टेशन के साइन बोर्ड में पहले उर्दू में नाम लिखा गया, जिसे बाद में मिटा दिया गया

  • हाल ही में चिंतामन गणेश रेलवे स्टेशन का हुआ उद्घाटन

उज्जैन-इंदौर वाया फतेहाबाद रेलमार्ग पर बने चिंतामन गणेश रेलवे स्टेशन के साइन बोर्ड से उर्दू भाषा में लिखा गया स्टेशन का नाम हटा दिया गया है। आमतौर पर देश के अधिकांश रेलवे स्टेशनों पर बोर्ड पर स्टेशन का नाम हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू में भी लिखा मिलता है। उज्जैन के चिंतामन रेलवे स्टेशन से साइन बोर्ड पर भी हिंदी व अंग्रेजी के साथ उर्दू में स्टेशन का नाम लिखा गया था।

चिंतामन रेलवे स्टेशन का हाल ही में उद्घाटन हुआ है। उज्जैन के संत और आवाहन अखाड़े के महामंडलेश्वर आचार्य शेखर ने उर्दू में नाम लिखे जाने पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद रेल प्रशासन ने उर्दू में लिखे नाम को मिटा दिया।

इंडियन रेलवे वर्क्स मैनुएल (IRWM) के निर्देश के तहत मिटाया गया नाम
रतलाम मंडल के DRM विनीत गुप्ता ने बताया कि यह गलती से हुआ था। इंडियन रेलवे वर्क्स मैनुएल (IRWM) के पैरा 424 (एफ) में स्टेशनों के नामों को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। स्टेशनों के नाम क्षेत्रीय भाषा, हिन्दी और अंग्रेजी में लिखा जाना चाहिए। जहां पर क्षेत्रीय भाषा हिन्दी है वहां पर उर्दू भाषा को छोड़कर हिन्दी और अंग्रेजी में ही स्टेशनों के नाम लिखे जाएंगे। इसमें देशभर के उन जिलों के नाम दिए गए हैं, जहां के स्टेशनों के साइन बोर्ड पर हिन्दी व अंग्रेजी के साथ उर्दू में भी नाम लिखना होगा। इन स्टेशनों में उज्जैन का नाम नहीं है, इसलिए उज्जैन के चिंतामन गणेश स्टेशन से उर्दू में लिखा नाम मिटा दिया गया है।

नैरो से ब्राॅड गेज में रेलखंड का हुआ है परिवर्तन
उज्जैन-फतेहाबाद रेलखंड वर्षों से नैरो गेज थी। हाल ही में इसको ब्रॉड गेज में परिवर्तित किया गया है। 800 मीटर लंबे प्लेटफाॅर्म पर 24 कोच वाली ट्रेन खड़ी हो सकती है।

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