इंदौर में कोरोना का कहर, फिर मिले 173 नए मरीज, फिलहाल वायरस से कोई मौत नहीं

इंदौर में कोरोना का कहर, फिर मिले 173 नए मरीज, फिलहाल वायरस से कोई मौत नहीं


इंदौर में कोरोना ने फिर पैर पसारना शुरू कर दिया है.

Indore Corona Alert: कोरोना वायरस ने इंदौर को अपनी चपेट में ले लिया है. फिर 173 नए मरीज मिले हैं. प्रशासन ने बड़े भीड़ वाले आयोजन निरस्त कर दिए हैं. अगर मरीजों की संख्या कम नहीं हुई तो सरकार नाइट कर्फ्यू लगा देगी.



  • Last Updated:
    March 6, 2021, 1:32 PM IST

इंदौर. कोरोना का संक्रमण मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर को तेजी से अपनी गिरफ्त में लेता जा रहा है. प्रशासन ने पिछले 24 घंटे में यहां 1828 संदिग्ध मरीजों की जांच की. इनमें से 173 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई. इस तरह अब यहां एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 1378 पर पहुंच गई है.

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, मार्च के पांच दिनों की बात करें तो शहर में 801 नए संक्रमित मिल चुके हैं. वहीं पिछले 15 दिन में 2020 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं. हालांकि राहत की बात ये कि पिछले 24 घंटे में कोरोना से एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है और मौत का आंकड़ा 933 पर ठहरा हुआ है.

इस वजह से और बढ़ गई टेंशन

शहर में कोरोना के नए स्ट्रेन यानि यूके कोविड स्ट्रेन के 6 मरीज मिलने के बाद टेंशन बढ़ गई है. अगले दो दिन में यदि संक्रमण की रफ्तार कम नहीं हुई तो नाइट कर्फ्यू लगा दिया जाएगा. संक्रमण को देखते हुए अब शहर में एक बार फिर से सख्ती शुरू हो गई है. रोको-टोको अभियान शुरू करने के साथ ही कलेक्टर मनीष सिंह ने भीड़ भाड़ वाले सभी आयोजनों की अनुमति निरस्त कर दी है. कोविड संक्रमितों का इलाज करने वाले डॉक्टरों के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले इस बार वायरस के संक्रमण से बीमार हुए मरीजों के ठीक होने में ज्यादा समय लग रहा है.इस समय ज्यादा सावधानी की जरूरत

डॉक्टर बताते हैं कि पहले सात दिन में मरीज ठीक हो जाते थे. लेकिन, अब 12 से 14 दिन ठीक होने में लग रहे हैं. चिकित्सकों की सलाह है कि इस समय सबसे ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत है. यदि सर्दी, खांसी व बुखार के लक्षण दिखाई दें तो तत्काल डॉक्टरों की सलाह लें.

मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत

डॉक्टर बताते हैं कि ये वायरस अब नाक व गले पर ज्यादा असर कर रहा है. फिलहाल जितने भी मरीज भर्ती हो रहे हैं उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत लग रही है. लोगों की लापरवाही से संक्रमण बढ़ रहा है. मास्क न पहनने और शारीरिक दूरी का पालन न करने जैसी असावधानियों के कारण ही संक्रमितों की संख्या बढ़ी है. लोग सोच रहे हैं कि वैक्सीन आ गई तो बीमारी खत्म हो गई, लेकिन ऐसा नहीं है.








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