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- Amla Reached To Liberate 2 Crore Land, Attempt To Create Ruckus, Police Chased, Removed From JCB Machine In 30 Minutes
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ग्वालियर8 मिनट पहले
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मेला मैदान से अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी चलाता हुआ मदाखलत अमला, सिर्फ 30 मिनट में पूरा कब्जा हटा दिया
- मेला के कुसुमाकर रंगमंच के पास की जमीन पर किया था कब्जा
- मेला प्राधिकरण से कलेक्टर ग्वालियर को की गई थी अतिक्रमण की शिकायत
शनिवार को जिला प्रशासन की एंटी माफिया मुहिम में मेला प्राधिकरण की 5 हजार स्क्वॉयर फीट जमीन से अतिक्रमण हटाया गया है। मेला के कुसुमाकर रंगमंच के पास कुछ लोगों ने बाउंड्री बॉल तोड़कर मकान बना लिए थे। जब प्रशासन का अमला कार्रवाई के लिए पहुंचा तो लोगों ने हंगामा करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस फोर्स ने तत्काल स्थिति को संभाला। कब्जा करने वालों को वहां से खदेड़ दिया। इसके बाद मदाखलत दस्ते ने 30 मिनट जेसीबी मशीन दौड़ाकर अतिक्रमण हटा दिया। मुक्त कराई गई जमीन की कीमत 2 करोड़ रुपए बताई गई है।
एसडीएम लश्कर अनिल बनवारिया ने बताया कि कुछ दिन पहले मेला प्राधिकरण की ओर से कलेक्टर ग्वालियर को पत्र लिखकर शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया था कि मेला मैदान में कुसुमाकर रंगमंच के आगे गैस गोदाम बस्ती स्थित आसमानी माता के मंदिर के पास मेला प्राधिकरण के अधिपत्य वाली जमीन सर्वे क्रमांक 1857-1858 व 1885 है। इस जमीन पर आसपास रहने वाले 6 से 7 लोगों ने कब्जा कर कच्चे और पक्के मकान बना लिए हैं। कई सालों से यह कब्जा चला आ रहा है। धीरे-धीरे यह लोग मेला की जमीन पर कब्जा बढ़ाते चले जा रहे हैं। इन्होंने मेला प्राधिकरण द्वारा लगाई गई मुड्डी को रातों रात हटाकर इस सरकारी जमीन पर कब्जा किया था। शिकायत मिलने के बाद शनिवार को एंटी माफिया मुहिम के नोडल अधिकारी आशीष तिवारी के निर्देश पर जिला प्रशासन, राजस्व का अमला मौके पर जा पहुंचा। मौके पर हंगामा होने की आशंका थी इसलिए पहले से ही काफी मात्रा में पुलिस फोर्स मौजूद था। जैसे ही जिला प्रशासन की टीम कब्जा हटाने पहुंची तो वहां मौजूद लोगों ने हंगामा करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस फोर्स ने पहले ही मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में ले लिया। इसके बाद मदाखलत अमले ने जेसीबी मशीन को मेला मैदान में चलाकर सिर्फ 30 मिनट में कब्जा हटा दिया। मुक्त कराई गई जमीन की कीमत लगभग 2 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
मेला की जमीन पर इनका था कब्जा
मेला प्राधिकरण की इस जमीन पर मुन्ना इंदौरिया, पीयूष सोलंकी, दिनेश मौर्य व अन्य तीन लोगों ने अवैध रुप से कब्जा कर रखा था। यह काफी समय से यहां कब्जा कर बैठे थे। इनकी तैयारी जिला प्रशासन के अमले पर हमला करने की भी थी, लेकिन पुलिस बल देखकर उनके तेवर ठंडे पड़ गए। पुलिस फोर्स की मौजूदगी में अमले ने कब्जा हटाया है।