चिंता: शुरुआती तेज ठंड से इस बार गेहूं का उत्पादन पिछले साल से प्रति हेक्टेयर 5 क्विंटल कम

चिंता: शुरुआती तेज ठंड से इस बार गेहूं का उत्पादन पिछले साल से प्रति हेक्टेयर 5 क्विंटल कम


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  • Wheat Production This Time Reduced By 5 Quintals Per Hectare From Last Year Due To Initial Severe Cold

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रतलाम41 मिनट पहले

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  • पिछले साल एक हेक्टे. में 50 क्विंटल गेहूं पैदा हुआ था, इस बार 45 से 46 क्विंटल ही निकल रहा

मौसम के बार-बार बदलाव का असर इस साल गेहूं की फसल पर हुआ है और गेहूं का उत्पादन कम आ रहा है। पिछले साल जिले में जहां एक हेक्टेयर में जहां 50 क्विंटल गेहूं का उत्पादन हुआ था। वहीं इस साल 45 से 46 क्विंटल ही गेहूं का उत्पादन आ रहा है। यानी पिछले साल की तुलना में एक हेक्टेयर में पांच क्विंटल उत्पादन कम हुआ है। इस साल जिले में 2.15 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी हुई है। शुरुआत में तो मौसम अनुकूल रहा। लेकिन इसके बाद तेज ठंड और ओस गिरने के साथ मावठा हुआ। इसका असर उत्पादन पर हुआ व इस बार पिछले साल से कम उत्पादन आ रहा है। कृषि विभाग इसकी सबसे बड़ी वजह मौसम ही बता रहा है। विभाग का कहना है कि मौसम के बदलाव का असर फसल पर हुआ व इस बार कम उत्पादन निकल रहा है।

ऐसे कर रहे हैं उत्पादकता का सर्वे

उत्पादकता का आकलन कार्प कटिंग से किया जा रहा है। बीमा कंपनी और राजस्व विभाग के अधिकारी गेहूं के खेत में पहुंचकर 5 बॉय 5 के प्लाट बनाकर उसमें पैदा हुए गेहूं की कटाई कर रहे हैं। इसमें जो गेहूं निकल रहा है उससे उत्पादकता निकाल रहे हैं। इसमें गेहूं का उत्पाकता कम आ रही है। इससे क्लेम का आंकलन भी हो रहा है। ग्राम पंचायत शिवपुर में पटवारी सत्यविजय उपाध्याय, कृषि विभाग के हरीश मईड़ा, बीमा कंपनी के संतोष मालवीय ने प्लाट काटकर इसका आंकलन किया। ताकि किसानों को क्लेम जारी किया जा सकें।
इस बार नुकसान हुआ है और उत्पादन कम निकला है

किसान गौरीशंकर पाटीदार ने बताया पिछले साल एक बीघा में 12 क्विंटल तक उपज निकली थी। लेकिन इस बार 8 से 9 क्विंटल ही उत्पादन आ रहा है। किसान मोहनलाल पाटीदार ने बताया लगातार ओस गिरने से गेहूं का दाना काला पड़ गया है और क्वालिटी भी नहीं बनी दाना छोटा रह गया है। हर साल 10 क्विटंल से ज्यादा उत्पादन निकलता है। इस बार 8 क्विंटल उत्पादन ही आया है। सरपंच प्रतिनिधि गोवर्धन मुनिया ने बताया कि इस बार गेहूं का उत्पादन कम आ रहा है। इससे सरकार को किसानों को बीमा क्लेम देना चाहिए ताकि नुकसान की भरपाई की जा सके।

इस कारण गेहूं का उत्पादन आ रहा कम

  • मौसम ठंडा रहने से नमी ज्यादा रहना और औंस गिरना। इससे जड़ें सड़ना।
  • सरसों में लगने वाले कीड़े गेहूं में लगना।
  • किसानों द्वारा सोयाबीन की कटाई के तुरंत बाद गेहूं की बोवनी करना।
  • हरी इल्ली का प्रकोप होना।

पिछले साल की तुलना में गेहूं का उत्पादन कम

उपसंचालक कृषि जीएस मोहनिया ने बताया इस बार पिछले साल की तुलना में गेहूं का उत्पादन कम आ रहा है। पिछले साल जहां 49 से 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन आ रहा था। वहीं इस बार 45 से 46 क्विंटल ही आ रहा है। मौसम, इल्ली का प्रकोप सहित इसकी कई वजह है।

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