कैसे सुधरे ट्रैफिक: हॉस्पिटल रोड, सराफा बाजार और जयेंद्रगंज, यहां सड़क से अब तक नहीं हटीं गाड़ियां

कैसे सुधरे ट्रैफिक: हॉस्पिटल रोड, सराफा बाजार और जयेंद्रगंज, यहां सड़क से अब तक नहीं हटीं गाड़ियां


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ग्वालियर6 घंटे पहले

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अफसरों के आदेश को हवा में उड़ा रहा मैदानी अमला, सराफा बाजार में तो हालात पहले जैसे ही

  • अफसर बोले- फॉलोअप ले रहे हैं, सुधार आ रहा है, हकीकत में बिगड़े हालात
  • मंगलवार को सराफा बाजार में की गई मार्किंग में भी गड़बड़ी

शहर के ट्रैफिक को सुधारने के लिए संभागायुक्त आशीष सक्सेना और आईजी अविनाश शर्मा हर सप्ताह सोमवार को सड़कों पर घंटों घूम रहे हैं। लश्कर क्षेत्र के जयेंद्रगंज, हॉस्पिटल रोड और सराफा बाजार में तीन बार अफसर पहुंचे। हर बार मैदानी अमले को निर्देश दिए, यहां सड़क से गाड़ियां हटवाकर ट्रैफिक व्यवस्थित किया जाए।

लेकिन मैदानी अमला अफसरों का आदेश हवा में उड़ा रहा है। यही वजह है, सराफा बाजार, जयेंद्रगंज और हॉस्पिटल रोड- यहां से न तो सड़क से गाड़ियां हटीं और न ही ट्रैफिक सुधार के अन्य कोई प्रयास। यहां तक कि सराफा बाजार में तो मार्किंग में भी गड़बड़ी की गई। इस वजह से यहां हालात पहले जैसे ही हैं।

अफसरों के आदेश को हवा में उड़ा रहा मैदानी अमला, सराफा बाजार में तो हालात पहले जैसे ही

हॉस्पिटल रोड: यहां सड़क के दोनों ओर निजी अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टर, कर्मचारियों से लेकर मरीजों के परिजनों तक की गाड़ियां खड़ी रहती हैं। सड़क पर पार्किंग ही इस सड़क पर जाम की वजह है। सोमवार को अफसरों ने निर्देश दिए थे, यहां से गाड़ियां हटाई जाएं और अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी किए जाएं। लेकिन यहां से गाड़ियां नहीं हटाई गईं।

जयेंद्रगंज: सड़क के दोनों ओर दुकानदार, खरीदारों की गाड़ियां खड़ी होती हैं। तीन बार अफसरों के निरीक्षण के बाद भी हालात नहीं सुधरे। यही हाल इंदरगंज चौराहे का है। यहां सिर्फ दो दिन सड़क से गाड़ियां हटाने की कार्रवाई हुई, इसके बाद पुलिस और नगर निगम के अफसरों ने रुचि नहीं ली। सड़क पर ही काम होता है, इससे आधी से अधिक सड़क घिरी रहती है।

सराफा बाजार: सोमवार को यहां जब अफसर पहुंचे तो हालात पहले जैसे ही थे। इसके चलते संभागायुक्त आशीष सक्सेना ने निगमायुक्त शिवम वर्मा और अन्य अफसरों को निर्देश दिए थे कि यहां मार्किंग कराई जाए। मंगलवार को यहां मार्किंग की गई, लेकिन कहीं 20 फीट, कहीं 15 फीट तो कहीं 10 फीट दूर मार्किंग की गई। इसमें भी गड़बड़ की गई है।

हमारा उद्देश्य ट्रैफिक सुगम बनाना है

^जहां-जहां हमने निरीक्षण किया था, वहां का फॉलोअप ले रहे हैं। इससे सुधार आ रहा है। हमारा उद्देश्य आम लोगों के लिए ट्रैफिक को सुगम बनाना है। अफसरों को सात-सात दिन का समय सुधार के लिए दे रहे हैं। कुछ सुधार नजर आ रहे हैं। अगर मैदानी अमला इसमें लापरवाही बरतेगा तो उनकी भी जबावदेही तय होगी।

आशीष सक्सेना, संभागायुक्त

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