पाकिस्तान से आई गीता की तलाश पूरी: 6 साल बाद महाराष्ट्र के परभणी के वाघमरे परिवार से मिला DNA, पिता की हो चुकी है मौत, मां ने कर ली है दूसरी शादी

पाकिस्तान से आई गीता की तलाश पूरी: 6 साल बाद महाराष्ट्र के परभणी के वाघमरे परिवार से मिला DNA, पिता की हो चुकी है मौत, मां ने कर ली है दूसरी शादी


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इंदौर20 मिनट पहले

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फाइल फोटो

  • 26 अक्टूबर 2015 को तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की पहल पर पाकिस्तान से भारत लाई गई थी गीता

आखिरकार गीता की 6 साल की तलाश पूरी हो गई है। गीता का परिवार महाराष्ट्र के परभणी में रहता है। गीता का असली नाम राधा वाघमरे है। वह अपने असली माता मीना के पास पहुंच गई है। उसके पिता की मौत हो चुकी है। मां ने दूसरी शादी कर ली है। मां और गीता का DNA मैच हो गया है।

दिव्यांग गीता को 2015 में पाकिस्तान से तत्कालीन विदेश मंत्री के प्रयासों से इंदौर लाया गया था। उसे इंदौर की मूक बधिरों की संस्था में रखा गया था। इसके बाद उसके माता-पिता की तलाश शुरू हुई, बोल और सुन न पाने की वजह से गीता से ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई थी। देशभर से दंपतियों ने गीता को अपनी बेटी होने का दावा किया था, लेकिन किसी का DNA नहीं मिला। माता-पिता की तलाश जारी रही और अब जाकर पूरी हुई है।

इंदौर के आनंद सर्विस सोसाइटी के ज्ञान पुरोहित ने बताया कि गीता का वाघमरे परिवार महाराष्ट्र के परभणी में रहता है। उसके पिता की मौत हो चुकी है। मां ने दूसरी शादी कर ली थी। गीता उसके पास पहुंच गई है। परिवार ने बताया की गीता का असली नाम राधा है। विश्व प्रसिद्ध ईधी वेलफेयर ट्रस्ट के पूर्व प्रमुख दिवंगत अब्दुल सत्तार ईधी की पत्नी बिलकिस ईधी ने बताया कि गीता नाम की भारतीय मूक बधिर लड़की को महाराष्ट्र में उसकी असली मां से मिला दिया गया है। बिलकिस ईधी ने कहा कि गीत मेरे संपर्क में थी और इस सप्ताहांत उसने मुझे अपनी असली मां से मिलने की अच्छी खबर दी। उन्होंने बताया कि उसका (गीता) असली नाम राधा वाघमारे है। गीता के असली पिता की कुछ साल पहले मौत हो चुकी है। उसकी मां मीना ने दूसरी शादी कर ली है।

2005 में लाया गया था पाकिस्तान से
2015 में तत्कालीन विदेश मंत्री स्व. सुषमा स्वराज ने विशेष पहल कर गलती से पाकिस्तान चली गई गीता को भारत लाया गया था। उसे इंदौर भेजा गया, जहां पर सामाजिक कल्याण संस्था ने उसे आसरा दिया। गीता को लेकर कई जगह पर दंपतियों से मिलाया भी गया। मगर असली माता-पिता नहीं मिल सके।

24 दंपतियों ने किया दावा, लेकिन हुए फेल
26 अक्टूबर 2015 को गीता को इंदौर (Indore) लाए जाने के बाद देशभर के कई दंपतियों ने गीता के माता-पिता होने का दावा किया। लेकिन किसी का DNA मैच नहीं हुआ।

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