IND vs ENG: पावर प्ले में फेल हुआ भारत, टीम कॉम्बिनेशन पर भी सवाल, हार के 5 कारण

IND vs ENG: पावर प्ले में फेल हुआ भारत, टीम कॉम्बिनेशन पर भी सवाल, हार के 5 कारण


टीम इंडिया को मोटेरा में पहली बार इंग्लैंड से हार मिली.

इंग्लैंड ने पहले टी20 मैच में टीम इंडिया को 8 विकेट से हराया. इसके साथ इंग्लिश टीम ने पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है. दूसरा मैच 14 मार्च को खेला जाएगा.

नई दिल्ली. इंग्लैंड ने पहले टी20 (India vs England) में टीम इंडिया को 8 विकेट से हराया. टीम इंडिया ने पहले खेलते हुए 7 विकेट पर 124 रन बनाए. जवाब में मेहमान टीम ने लक्ष्य को 27 गेंद शेष रहते दो विकेट खोकर हासिल कर लिया. इस तरह से इंग्लिश टीम ने पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है. सीरीज का दूसरा मैच इसी मैदान पर 14 मार्च को खेला जाएगा. हार के बड़े कारणों को देखें तो टीम इंडिया पावर प्ले के पहले 6 ओवरों में ही मैच से बाहर हो गई थी. क्योंकि टीम इस दौरान सिर्फ 22 रन बना सकी और 3 बड़े विकेट खोए. टीम की हार के 5 बड़े कारण:

पहला टाॅस हारना: टॉस मैच में महत्वपूर्ण होता है. क्योंकि दूसरी पारी में ओस पड़ती है. इस कारण इंग्लिश कप्तान ऑयन मॉर्गन ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी. भारतीय कप्तान विराट कोहली ने टॉस हारने के बाद ओस को मैच में महत्वपूर्ण बताया था.

दूसरा ओपनर फेल: टीम इंडिया के ओपनर बल्लेबाज केएल राहुल और शिखर धवन सिर्फ दो रन की साझेदारी कर सके. जबकि इंग्लैंड के ओपनर बल्लेबाज जोस बटलर और जेसन रॉय ने 72 रन की साझेदारी. इस साझेदारी ने मैच से टीम इंडिया को बाहर कर दिया.

यह भी पढ़ें: IND vs ENG: विराट कोहली को उत्तराखंड पुलिस ने किया ट्रोल, ‘हेलमेट लगाकर भी 0 पर आउट हो सकते हैं’तीसरा पावरप्ले में रन नहीं बने: टीम इंडिया 6 ओवर के पावरप्ले में रन नहीं बना सकी और विकेट भी खोए. टीम पहले 6 ओवर में सिर्फ 22 रन बना सकी और 3 विकेट खोए. दूसरी ओर इंग्लिश टीम ने तेज बल्लेबाजी करते हुए पहले 6 ओवर में 50 रन बटोरे और एक भी विकेट नहीं खोया.

चौथा तीन स्पिनर्स को उतारा: मैच में ओस महत्वपूर्ण रहता है. इसके बाद भी टीम इंडिया तीन स्पिन गेंदबाज युजवेंद्र चहल, वाशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल के साथ उतरी. अक्षर और चहल महंगे रहे. दूसरी ओर इंग्लिश टीम सिर्फ एक स्पिन गेंदबाज के साथ उतरी थी.

पांचवां बड़ी साझेदारी नहीं: टीम इंडिया की ओर से सिर्फ एक 50 रन की साझेदारी हो सकी. इसके अलावा कोई साझेदारी 30 रन से अधिक की नहीं रही. बड़ी साझेदारी नहीं होने के कारण कोई भी बल्लेबाज खुलकर नहीं खेल सका और पूरी टीम हर समय दबाव में रही.








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