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जबलपुरएक घंटा पहले
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न मास्क न सोशल डिस्टेंसिंग।
- रियलिटी – जनवरी से मार्च आते-आते घट गईं जाँचें, कोरोना कंट्रोल रूम के नंबर भी ठप्प, बढ़ते संक्रमण को देखते हुए विक्टोरिया में आज से शुरू होगा कोरोना वार्ड, निगम करेगा जागरूक, शुक्रवार को आए 47 केस
जिले में कोरोना टीकाकरण अभियान आज से गति पकड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग ने केंद्रों की संख्या 25 से बढ़ाकर 40 करने की तैयारी कर ली है। यही नहीं केंद्रों में प्रतिदिन लगने वाले डोज की कैपेसिटी भी बढ़ाई जा रही है, अभियान में गति के लिए शुक्रवार को वैक्सीन के 64 हजार नए डोज भी मिल गए हैं। नए शासकीय केंद्रों में रेलवे अस्पताल, एमपीईबी अस्पताल, जीसीएफ व व्हीएफजे अस्पताल और पुलिस अस्पताल में भी बुजुर्गों को टीके लगाए जाएँगे।
28वें दिन ही टीका लगेगा सोचकर अवकाश के दिन पहुँचे
जब से टीकाकरण अभियान शुरू हुआ है, विभाग द्वारा सप्ताह में सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शनिवार को टीके लगाए जा रहे हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि मंगलवार और शुक्रवार अन्य तरह के टीके के लिए निर्धारित हैं। इसके बाद भी कुछ हितग्राही शुक्रवार को विक्टोरिया अस्पताल कोरोना का टीका लगवाने पहुँच गए। उनका कहना था कि पहला डोज लगे 28 दिन हो गए हैं, अब दूसरा डोज लगवाने आए हैं। कुछ ऐसी ही गलतफहमी अन्य केंद्रों पर भी हुई, जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि टीके का दूसरा डोज 28 दिन बाद से 6 हफ्ते तक लगवाया जा सकता है, इसलिए 28वें दिन ही लगवाना अनिवार्य नहीं है।
बढ़ा रहे हैं केंद्र
- आज से शासकीय समेत निजी अस्पतालों में केंद्र बढ़ाए जा रहे हैं, साथ ही वैक्सीनेशन कैपेसिटी भी बढ़ाई जा रही है। ज्यादा से ज्यादा लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य है। – डॉ. एसएस दाहिया, जिला टीकाकरण अधिकारी
जिले में कोरोना संक्रमितों का आँकड़ा आज 17 हजार के आँकड़े को छू सकता है। शुक्रवार तक यह संख्या 16966 तक पहुँच चुकी थी। कोरोना लौट रहा है, इस बात की गवाही आँकड़े खुद दे रहे हैं। पिछले 10 दिनों में जिले में एक्टिव मामलों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
शुक्रवार को जिले में 47 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं, इतने संक्रमित पिछली बार जनवरी माह के पहले सप्ताह में मिले थे। पिछले 12 दिनों में ही लगभग 100 एक्टिव केस बढ़े हैं। शुक्रवार तक 213 एक्टिव केस थे। इसके मुकाबले स्वस्थ होकर डिस्चार्ज होने वाले मरीज कम ही हैं। इसे चिंताजनक माना जा रहा है। वहीं लोग अब भी बेपरवाह नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अब भी सावधानी व कोविड संबंधी नियमों का पालन ही सुरक्षा का बेहतर विकल्प है।
जिले में जनवरी माह में प्रतिदिन हो रहीं जाँचों के मुकाबले फरवरी और मार्च में कम जाँचें हुईं, बावजूद इसके मरीज अब ज्यादा मिल रहे हैं। अगर विभाग सैम्पलिंग बढ़ाता है, तो जाहिर सी बात है कि नए संक्रमितों की संख्या और बढ़ना तय है। बढ़ते मामलों को देखते हुए विक्टोरिया में आज कोरोना के लिए एक वार्ड शुरू किया जा रहा है। यहाँ कोरोना के एसिम्टेमैटिक और सामान्य लक्षण वाले मरीज भर्ती किए जाएँगे। गंभीर मरीजों को मेडिकल भेजा जाएगा।
कंट्रोल रूम के नंबर उपयोग में नहीं
आम लोगों और कोरोना मरीजों के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम की व्यवस्थाएँ अब ठप्प हो चुकी हैं, इसकी बानगी यह है कि कंट्रोल रूम के नंबर अब सेवा में नहीं हैं। प्रश्न यह उठता है कि होम आइसोलेशन में जो मरीज हैं, अगर उन्हें कोई समस्या होती है तो वे कंट्रोल रूम में कैसे संपर्क करेंगे? कोरोना कंट्रोल रूम के लिए 2637500 से लेकर 515 तक हेल्पलाइल नंबर जारी किए गए थे। इन पर कॉल करने पर पता चला कि ये नंबर अब उपयोग में नहीं हैं।
इस तरह कम हुईं जाँचें
- 1 जनवरी से 25 जनवरी तक जिले में औसतन 1400 जाँचें प्रतिदिन हुईं, इनमें से कुछ दिन ऐसे भी थे, जब सैम्पलिंग 2 हजार से ज्यादा हुई। इस दौरान 7 जनवरी को 1625 सैम्पल्स की जाँच में 46 मरीज मिले थे। 12 मार्च को 994 सैम्पल की जाँच में ही 47 नए मरीज मिल गए।
- 26 जनवरी से 12 मार्च तक 46 दिनों में केवल 6 दिन ही ऐसे थे, जब 1000 से ज्यादा सैम्पल्स की जाँच हुई, वहीं इसके अलावा बाकी दिनों में औसतन 700 के करीब ही सैम्पलिंग हुई।
मेडिकल में बढ़ी मरीजों की संख्या
- मेडिकल कॉलेज के कोरोना वार्ड इंचार्ज डॉ. संजय भारती ने बताया कि पिछले हफ्ते तक जहाँ 6-7 मरीज भर्ती हो रहे थे, तब संख्या 12 तक पहुँच गई है।
निगम कराएगा अनाउंसमेंट
मध्यप्रदेश शासन नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव नीतेश व्यास द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में आदेश देते हुए कहा है कि नगर निगम लाउड स्पीकर के माध्यम से मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग मेन्टेन रखने के निर्देश हर बाजार क्षेत्रों में दे और रहवासी क्षेत्रों में भी लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जाए।
रोको-टोको अभियान भी बंद
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पूरी सतर्कता बरतें और लोगों को मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, बेवजह कहीं भी भीड़ न लगने देने के साथ ही जो भी गाइडलाइन पहले तय की गई थी उसका पालन कराएँ।
संक्रमण फैलने के बाद से ही जिले में रोको-टोको अभियान की शुरूआत की गई थी। अधिकारियों ने यह मान लिया था कि सब कुछ सामान्य हो गया है, जिसके कारण रोको-टोको अभियान भी बंद हो गया। हालाँकि एक बार फिर से अभियान चलाने की जरूरत है ताकि आमजन नियमों का पालन करे।
स्मार्ट सिटी कार्यालय में फिर पहुँचा कोरोना
मानस भवन स्मार्ट सिटी कार्यालय में कार्यरत एक अर्बन प्लानर और उनकी पत्नी कोरोना पॉजिटिव पाई गईं, जिसके बाद शुक्रवार को कार्यालय के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का रैपिड टेस्ट कराया गया, जिसमें एक कम्पनी सचिव भी पॉजिटिव पाए गए। प्रशासनिक अधिकारी रवि राव ने बताया कि कोविड प्रोटोकॉल फॉलो करते हुए सभी का आरटीपीसीआर टेस्ट भी कराया जाएगा।
इंदौर, भोपाल से लौटे हैं तो कोविड टेस्ट कराए
- आम लोगों से अपील है कि मास्क जरूर लगाएँ। बेहद जरूरी हो तब ही इंदौर, भोपाल, नागपुर, मुंबई जैसे शहरों में जाएँ और अगर वहाँ से लौट रहे हैं, तो कोविड टेस्ट जरूर कराएँ। बढ़ते मामलों को देखते हुए सैम्पलिंग भी बढ़ाई जा रही है। – डॉ. मनीष कुमार मिश्र, सीएमएचओ