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- 10 Big Options To Save Income Tax Consultant Consultants, Start Saving Tax Before The End Of The Financial Year
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सागर3 घंटे पहले
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- जिले में 1 लाख 15 हजार मध्यम और 20 हजार बड़े आयकर दाता
वित्त वर्ष खत्म होने में 19 दिन ही शेष बचे हैं। इसके साथ ही लोगों में टैक्स बचत करने के लिए हलचल बढ़ने लगी है। लोग इश्योरेंस पॉलिसीज लेकर टैक्स बचत करने में दिलचस्पी ले रहे हैं, जबकि इसके अलावा भी अन्य विकल्प हैं जिनमें निवेश कर डेढ़ लाख रुपए तक की टैक्स सेविंग की जा सकती है। हालांकि इनकम टैक्स रिटर्न फाइल (आईटीआर) करने की अंतिम तारीख निकल चुकी हैं, लेकिन लेट चार्ज के साथ 31 मार्च तक रिटर्न फाइल कर सकते हैं। आयकर विभाग के मुताबिक जिले में करीब 1 लाख 15 हजार आयकर दाता ऐसे हैं, जिनकी आय 15 लाख से कम हैं। तो वहीं बड़े आयकर दाताओं की संख्या करीब 20 हजार है। टैक्स मामलों के जानकार एडवोकेट देवेन्द्र नामदेव ने बताया कि वित्त वर्ष खत्म होने से पहले लोग टैक्स बचाने निवेश करते हैं।
ईपीएफ, हेल्थकेयर, होम लोन को लेकर एकदम से टैक्स बचत नहीं की जा सकती, लेकिन पीपीएफ, सुकन्या योजना, ईएलएसएस, पांच साल की एफडी कई ऐसे विकल्प हैं। जिन पर निवेश कर अभी भी टैक्स बचत की जा सकती है। भारतीय जीवन बीमा निगम के जिला शाखा प्रबंधक विक्रांत देऊस्कर ने बताया कि पिछले वर्ष अन्य महीनों की अपेक्षा मार्च में करीब दोगुनी इंश्योरेंस पॉलिसीज हुई थीं।
दिसंबर व मार्च में होती हैं ज्यादा पॉलिसी
अक्टूबर- 841
नवम्बर-551
दिसम्बर -1094
जनवरी – 938
फरवरी – 801
मार्च -1700 (आंकड़े 2019-20 के)
टैक्स बचत के प्रमुख विकल्प
1. पब्लिक प्रॉविडेंट फंड 2. पांच साल की एफडी 3. इक्विटी लिंक स्कीम 4. सुकन्या समृद्धि 5. नेशनल पेंशन स्कीम 6. लाइफ एवं हेल्थ इंश्योरेंस 7. धार्मिक या सामाजिक संस्थान को दान 8. ट्यूशन फीस 9. अस्पताल/दवाओं पर खर्च 10. होम लोन पर दिए जाने वाले ब्याज
प्रमुख प्रावधान, जिनसे मिलती है टैक्स में छूट
- सेक्शन 80ईईए : इसके तहत होम लोन के ब्याज पर 1.5 लाख की अतिरिक्त टैक्स छूट ली जा सकती है। हालांकि इसकी पहली शर्त है कि घर की स्टाम्प वैल्यू 45 लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। होम लोन 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2022 के बीच लिया हो।
- सेक्शन 80ई : यह एजुकेशन लोन पर ब्याज में कटौती प्रदान करता है। इसकी महत्वपूर्ण शर्तें यह हैं कि लोन किसी व्यक्ति या उसके पति या बच्चों द्वारा हायर एजुकेशन (भारत या विदेश में) के लिए बैंक या वित्तीय संस्थान से लिया जाना चाहिए।
- सेक्शन 80डीडीबी : इसके तहत अपने किसी आश्रित की गंभीर और लंबी बीमारी के इलाज में खर्च की गई रकम पर आय कर कटौती मिलती है। आम तौर पर यह कटौती 40 हजार रु. और वरिष्ठ नागरिकों के मामले में यह कटौती 1 लाख रु. तक हो सकती है।
- सेक्शन 80डीडी : यदि किसी विकलांग (डिसेबल) व्यक्ति के इलाज पर आप खर्चा कर रहे हैं तो इस सेक्शन के तहत कर छूट पा सकते हैं। विकलांग व्यक्ति में माता-पिता, पत्नी, बच्चे, भाई और बहन हो सकते हैं, जो संबंधित व्यक्ति पर डिपेंडेंट हों।
- सेक्शन 80ईईए : इसके तहत होम लोन के ब्याज पर 1.5 लाख रुपए की अतिरिक्त टैक्स छूट ली जा सकती है। हालांकि इसकी पहली शर्त है कि घर की स्टाम्प वैल्यू 45 लाख रुपए से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। होम लोन 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2022 के बीच लिया हो।