MP में अभी नगरीय निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है.
Bhopal.मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया कि सूबे में अवैध कॉलोनियों को वैध किया जाएगा.अवैध कॉलोनियां ना बन पाए इसके लिए कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर की जिम्मेदारी तय की जाएगी.
राजधानी भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कोरोना में छोटे कारोबारियों के काम धंधे ठप्प हो गए थे.हमने 3.25 लाख लोगों के खाते में अब तक 10-10 हज़ार रुपये डाले हैं.स्वच्छता में हम पूरे देश में आगे हैं.हमारा शहर इंदौर सबसे साफ और भोपाल सबसे साफ राजधानी है.स्वच्छता में एमपी को नम्बर एक बनाना है.कोरोना को पूरी तरह खत्म करना है.
नगरों के विकास का रोडमैप किया पेश
इस दौरान सीएम शिवराज ने नगरों के विकास का रोडमैप भी पेश किया.सीएम ने कहा शहरों में हमारा संकल्प है सबसे साफ बनाना.शहरों में जीवन की गुणवत्ता बेहतर करना है.आज जो राशि डाली है वो तो बस ट्रेलर है. आने वाले 5 साल में 70 हज़ार करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे.सीवर, लाइट सड़कों की स्थिति बेहतर की जाएगी.मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना से हर घर में पीने का पानी पहुंचाएगे. एमपी में आने वाले 4 साल में कोई गरीब ऐसा नहीं होगा जिसका अपना पक्का मकान न हो.नागरिक सेवाएं जैसे आय प्रमाणपत्र, बिजली बिल, खसरा खतौनी मोबाइल पर दी जाएंगी. मल अपशिष्ट को ट्रीट कर बिजली बनायी जाएगी.मंदिर और धार्मिक स्थलों का विकास किया जाएगा.शहरों में हेरिटेज वॉक बनाये जाएंगे.भिखारियों को भीख न मांगनी पड़ी इसलिए शहरों में शेल्टर होम खोले जाएंगे.शहरों में सरकारी स्कूल बेहतर किये जाएंगे. सीएम राइज स्कूल खोले जाएंगे. इन स्कूल में प्राइवेट स्कूल जैसी शिक्षा देने की व्यवस्था की जाएगी. रेहड़ी पटरी वालों को 10 हज़ार रुपये तक लोन देने की योजना जारी रखी जाएगी.स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोले जाएंगे.अवैध कॉलोनियों को किया जाएगा वैध
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मौके पर यह भी ऐलान किया कि सूबे में अवैध कॉलोनियों को वैध किया जाएगा.पूर्व में भी यह घोषणा की गई थी लेकिन कोर्ट के आदेशों की वजह से यह नहीं हो पाया. अब उसका भी समाधान निकाला जाएगा. हालांकि मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही यह भी कहा कि अब अवैध कॉलोनियां ना बन पाए इसके लिए कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर की जिम्मेदारी तय की जाएगी.
सीएम ने कहा शहरों में भी स्व सहायता समूहों को सशक्त किया जाएगा. शहरों में आपदा प्रबंधन की योजना बनाई जाएगी.सीवेज नेटवर्क के लिए 10 हजार करोड़, शहरी परिवहन के लिए 10 हज़ार करोड़, स्ट्रीट लाइट के लिए 10 हज़ार करोड़ खर्च किये जाएंगे. कुल मिलाकर अलग अलग विकास योजनाओं पर 70 हज़ार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.