दहेज प्रताड़ना व घरेलू हिंसा के मामले लंबित: बहुचर्चित केस में 150 पेशियों के बाद पत्नी का 10 साल बाद तलाक का आवेदन निरस्त

दहेज प्रताड़ना व घरेलू हिंसा के मामले लंबित: बहुचर्चित केस में 150 पेशियों के बाद पत्नी का 10 साल बाद तलाक का आवेदन निरस्त


Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

रतलाम3 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
  • पति ने कहा-सब कुछ भूलकर पत्नी को साथ रखने को तैयार

शहर के बहुचर्चित तलाक के मामले को कुटुंब न्यायालय ने पत्नी का तलाक का आवेदन को निरस्त कर दिया। 150 से ज्यादा पेशियां हुई थीं। महिला ने घरेलू हिंसा व दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए तलाक मांगा था। आरोप सिद्ध नहीं हुए। युवक की ओर से पैरवी करने वाले अभिभाषक अमित पांचाल ने बताया नई दिल्ली सूर्यदीप गर्ग (42) व नेहा गर्ग (40) की 2 दिसंबर 2001 को लव कम अरेंज मैरिज हुई थी।

नेहा ने पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व घरेलू हिंसा का आरोप लगाते हुए 2011 में तलाक का आवेदन दिया था। नेहा ने पति के खिलाफ नई दिल्ली व रतलाम में घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना के केस न्यायालय में दायर किए हैं। अभिभाषक पांचाल ने बताया दहेज प्रताड़ना को साबित करने के लिए परिजन या रिश्तेदार के बयान भी दर्ज नहीं करवाए जिससे आरोप सिद्ध होता हो।

सूर्यदीप की ओर से ऐसे प्रेम पत्र, शादी के बाद के फोटोग्राफ आदि प्रस्तुत किए जिससे पारिवारिक माहौल की पुष्टि होती है। न्यायालय ने ऐसा प्रमाण नहीं पाया जिसमें नेहा के साथ शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ना का आरोप सिद्ध होता हो। इसी आधार पर कुटुम्ब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश हितेन्द्र कुमार मिश्रा ने नेहा गर्ग की ओर से प्रस्तुत तलाक का आवेदन निरस्त कर दिया।

परिवादी सूर्यदीप सब कुछ भूलकर अब भी पत्नी नेहा के साथ रहने की इच्छा रखते हैं। अभिभाषक पांचाल ने बताया नेहा बेटे के साथ नाना के पास रतलाम में रह रही हैं। सूर्यदीप गर्ग और नेहा का एक बेटा भी है जिसका नाम अर्थ है। अर्थ 16 वर्ष का हो चुका है।

जेल में भी रहा सूर्यदीप
एडवोकेट पांचाल ने बताया बेटे अर्थ से मिलने के लिए सूर्यदीप ने दिल्ली हाईकोर्ट में गुहार लगाई थी। नोटिस तामील करवाने वे रतलाम आए तो दहेज प्रताड़ना के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया। सूर्यदीप के विरुद्ध फोन पर धमकाने की रिपोर्ट भी दर्ज हुई थी जिसमें उन्हें दिल्ली से दोबारा गिरफ्तार कर रतलाम ले आए। जमानत मिलने पर वे दिल्ली जा रहे थे तब एसपी स्क्वाॅड ने अवैध पिस्टल का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में चार साल पहले जावरा कोर्ट ने बरी कर दिया।

खबरें और भी हैं…



Source link