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- Farmers Angry At Procurement Of Mustard At Low Prices, Demolished By Committing Uproar, Mandi Remained Closed
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ग्वालियरएक घंटा पहले
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नारायण विहार गोला का मंदिर में कृषि उपज मंडी में हंगामा और धरना देते किसान।
- पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति, शाम तक नहीं हुआ कारोबार
- 5100 रुपए के बदले 4100 में सरसों खरीदने पर हुआ हंगामा
कम कीमत पर सरसों की खरीद से किसान आक्रोशित हो गए। किसानों ने गल्ला मंडी में हंगामा करते हुए व्यापारियों के कांटे तोड़ दिए। साथ ही, नारेबाजी करते हुए तुलाई का काम बंद करवा दिया। इधर व्यापारी भी आक्रोशित हो गए। घटना शुक्रवार दोपहर से शाम तक कृषि उपज मंडी की है। सूचना पर गोला का मंदिर थाना पुलिस व अन्य थानों का फोर्स पहुंचाया गया। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने समझाइश दी। पूरे दिन गल्ला मंडी में कामकाज ठप रहा। शाम को किसान लौट तो गए, लेकिन शनिवार को भी मंडी में तनाव की आशंका है।
कृषि उपज मंडी में हंगामे के बाद बिखरे पड़े व्यापारियों के तौल कांटे। पूरे दिन बंद रहा कामकाज, लाखों का नुकसान।
गोला का मंदिर स्थित नारायण विहार स्थित कृषि गल्ला मंडी में शुक्रवार दोपहर उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब वहां कम कीमत पर सरसों की खरीद फरोख्त होने लगी। इस पर किसान भाई नाराज हो गए। कुछ ही देर में यह नाराजगी हंगामा में बदल गई। किसानों ने व्यापारियों के तौल कांटे व सामान फेंक दिया। किसानों ने व्यापारी और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मंडी में हंगामा और किसानों के प्रदर्शन की खबर मिलते ही बीते तीन महीने से शहर में किसानों के आंदोलन को आगे बढ़ा रही सीटू व अन्य भारतीय किसान दल गल्ला मंडी पहुंच गए। सभी ने धरना प्रदर्शन में भाग लिया। हंगामा का पता चलते ही काफी मात्रा में फोर्स गल्ला मंडी पहुंचाया गया। जिला प्रशासन और पुलिस के अफसरों ने किसानों को समझाया और स्थिति को संभाला।
किसानों ने दी चेतावनी
हंगामा के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने किसानों को काफी समझाया है। उसके बाद शाम तक मंडी नहीं लग सकी है। किसानों का आरोप है कि एक दिन पह ले 5152 रुपए में सरसों बिकी है तो उसके बाद आज 4100 रुपए में खरीद क्यों। किसानों ने चेतावनी दी है कि उनकी फसल की सही कीमत नहीं मिली, तो वह किसी को भी नहीं छोड़ेंगे। गल्ला मंडी में बिल्कुल भी काम नहीं होने देंगे।