MP में कोरोना रिटर्न: 2 माह बाद 1 दिन में 1140 संक्रमित मिले , 7 मौतें भी; पॉजिटिव मरीजों की संख्या 10 दिन में 7500 के पार, संक्रमण दर 5.5% पहुंची

MP में कोरोना रिटर्न: 2 माह बाद 1 दिन में 1140 संक्रमित मिले , 7 मौतें भी; पॉजिटिव मरीजों की संख्या 10 दिन में 7500 के पार, संक्रमण दर 5.5% पहुंची


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भोपाल18 मिनट पहले

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  • भोपाल में एक सप्ताह और इंदौर में 15 दिन में दोगुना हो गए मरीज
  • भोपाल में 3 महीने 7 दिन बाद एक दिन में मिले 203 केस
  • इंदौर में आंकड़ा 300 के पार, 2 महीने 26 दिन बाद एक दिन में मिले सबसे ज्यादा संक्रमित

मध्य प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक होती जा रही है। पिछले 24 घंटे में 1140 नए संक्रमित मिले हैं। इंदौर में आंकड़ा एक बार फिर 300 के पार पहुंच गया है। यहां 2 महीने 26 दिन बाद 302 केस मिले हैं। इसी तरह, भोपाल में 3 महीने 7 दिन बाद एक दिन में 203 पॉजिटिव मरीज मिले हैं। संक्रमितों की संख्या बढ़ने का एक आधार टेस्टिंग बढ़ना भी है। दो दिन पहले तक 18 हजार तक टेस्ट हो रहे थे, लेकिन 18 मार्च को संख्या बढ़ा कर 20,770 की गई। ऐसे में संक्रमितों की संख्या भी बढ़ गई।

पिछले 24 घंटे में 7 मरीजों की मौत हुई है। इससे पहले 20 जनवरी को 8 संक्रमितों की मौत हुई थी। इसके बाद मौतों का आंकड़ा लगातार कम हाे रहा था, लेकिन 18 मार्च को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, छिंदवाड़ा अलावा कम प्रभावित जिले उमरिया, शाजापुर और खंडवा में 1-1 मरीजों की मौत हुई। प्रदेश में अब तक कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 3900 के पार हो चुका है।

प्रदेश में संक्रमण दर 5.5% होने से साफ है कि कोरोना तेज रफ्तार से लोगों को चपेट में ले रहा है। कोरोना की समीक्षा बैठक में गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान ने बताया था कि अगले डेढ़ माह तक कोरोना केस बढ़ते जाएंगे। ऐसे में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन को ज्यादा सख्ती करने की जरूरत है।

पिछले 24 घंटे में 1100 से अधिक संक्रमित मिलने के बाद कोरोना की रफ्तार इसी तरह बढ़ती रही, तो सरकार सप्ताह में एक दिन (संभवत: रविवार) का टोटल लॉकडाउन करने पर विचार करेगी। दरअसल, भोपाल -इंदौर में नाइट कर्फ्यू व महाराष्ट्र की सीमा से लगे शहरों में बाजार रात 10 बजे बंद करने के बाद भी कोरोना कंट्रोल होता दिखाई नहीं दे रहा।

महाराष्ट्र से बसों का आना-जाना बंद, लेकिन ट्रेन व निजी वाहनों से आएगा संक्रमण
राज्य सरकार ने अगले 10 दिन के लिए महाराष्ट्र से मध्य प्रदेश आने और जाने वाली यात्री बसों पर प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन ट्रेनों और निजी वाहनों से आवागमन जारी है। ऐसे में महाराष्ट्र से संक्रमण मध्य प्रदेश के शहरों तक पहुचंने से कैसे रुकेगा? इस पर स्वास्थ विभाग का तर्क है कि फिलहाल ट्रेनों की संख्या सीमित है, जो ट्रेनें संचालित हो भी रही हैं, तो सघन चैकिंग के बाद ही यात्रा करने की अनुमति रहती है। निजी वाहनों का सवाल है, तो बाॅर्डर पर कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट दिखाने के बाद ही किसी को प्रवेश करने दिया जाएगा।

मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र के बीच रोजाना चलती हैं 4 हजार बसें
मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच रोजाना 4 हजार बसों में करीब 1.60 लाख लाेग सफर करते हैं। सबसे ज्यादा इंदौर और भोपाल से मुंबई, पुणे, शिर्डी, औरंगाबाद, अमरावती, नंदुरबार और नागपुर के बीच इंटर स्टेट बसों का संचालन होता है। इसके अलावा जबलपुर, रीवा और छिंदवाड़ा से नागपुर के बीच बसें चलती है। संचालन बंद होने से करीब 15 हजार कर्मचारी बेकाम हो गए हैं।

नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
इन बसों का संचालन प्रतिबंधित होने को लेकर मप्र प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोंविद शर्मा का कहना है कि कोरोना को नियंत्रित करने के लिए सरकार के फैसले पर आपत्ति नहीं है, लेकिन 10 दिन बसों का संचालन बंद रहने से बस मालिकों को नुकसान होगा। इसकी भरपाई कैसे होगी? बस ऑपरेटर एक माह का परमिट लेकर ही संचालन शुरू करते हैं। अब जितने दिन बस संचालन प्रतिबंधित रहेगा, जिसका टैक्स व अन्य शुल्क सरकार ने पहले ही जमा करा ली है, वह वापस नहीं मिलेगी।

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