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- Cooperative Minister On CM Rising School, Small Shop Will Not Be Closed In Front Of Big Mall
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भिंड2 घंटे पहले
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- आजाद अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष ने जताई थी गांवों के सरकारी स्कूल बंद होने की चिंता
- जिले के हर ब्लॉक में एक सीएम राइजिंग स्कूल खुलना है, 196 स्कूल खोलने की योजना
- शैक्षिक गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री ने की घोषणा
निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकार की ओर से खोले जा रहे सीएम राइजिंग स्कूलों को लेकर प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ने कहा है कि किसी भी बड़े मॉल के सामने संचालित छोटी दुकान को बंद नहीं किया जाएगा। सरकार सिर्फ गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा पर जोर देते हुए इन स्कूलों को खोल रही है, जिसे पायलट प्रोजेक्ट के रुप में लिया गया है। वहीं भिंड विधायक संजीव सिंह ने भी शिक्षकों को आश्वस्त किया कि अभी विधानसभा में भी मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि कोई भी पुराना स्कूल बंद नहीं किया जाएगा। दरअसल सरकार पहले चरण में प्रदेश में 350 नए सीएम राइजिंग स्कूल खोलने जा रही है, जिसके तहत भिंड जिले के प्रत्येक विकासखंड में एक-एक यानि कुल 7 नए स्कूल खोले जाने हैं। यह स्कूल प्रायवेट स्कूलों की तर्ज पर सर्वसुविधा युक्त होंगे। शासन की मंशानुरुप एक विद्यालय में नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के 10 से 12 हजार बच्चे एक साथ पढ़ेंगे।
चिंता…एमपी रोडवेज की तरह बंद न हो जाएं स्कूल
जिले में इस प्रकार के कुल 196 स्कूल खोले जाने हैं, जिससे शिक्षकों को डर है कि सरकार कहीं एमपी रोडवेज की तरह पुराने विद्यालयों को बंद कर उन्हें घर न बैठा दे। यह चिंता शैक्षिक गुणवत्ता सुधार सम्मेलन में आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष भरत पटेल ने जाहिर भी की। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी हरभवन सिंह तोमर, संघ के प्रांतीय महासचिव गोविंद सिंह बिसेन, जबलपुर के संभागीय अध्यक्ष डीके विश्वकर्मा, ग्वालियर के संभागीय अध्यक्ष मुकेश शर्मा, चंबल के भंवर सिंह तोमर, मुरैना जिलाध्यक्ष संग्राम सिंह तोमर, े प्रेम सिंह मीणा, सरिता शर्मा, भिंड के आनंद सिंह भदौरिया मौजूद रहे। संचालन एपीसी सत्यभान सिंह भदौरिया ने किया।
संपूर्ण व्यक्तित्व विकास के लिए खोले जा रहे सीएम राइजिंग स्कूल
कार्यक्रम बतौर मुख्य अतिथि मौजूद प्रदेश सरकार केबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार शैक्षणिक गुणवत्ता की दिशा में कार्य कर रही है। बच्चे के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास के लिए सीएम राइजिंग स्कूल खोले जा रहे हैं, जिससे छात्र के शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा का विकास हो। इसके लिए विद्यालय में पाैष्टिक खाद्यान्न के साथ व्यायाम, खेलकूद, योगा के साथ पढ़ाई के लिए अच्छे शिक्षक रहेंगे। इसके अलावा इन स्कूलों में पढ़ने वालों बच्चों के आने जाने के लिए प्रायवेट स्कूलों की तरह बस की सुविधा रहेगी। वहीं इस बस का किराया अभिभावक को नहीं देना होगा। बल्कि सरकार ही वहन करेगी। उन्होंने शिक्षकों को आश्वासन दिया कि सरकार की मंशा पुराने स्कूलों बंद करने की कतई नहीं है।
विधायक संजीव सिंह बोले स्कूल की तुलना मॉल और दुकान से करना ठीक नहीं
शैक्षिक गुणवत्ता सुधार सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रुप में मौजूद भिंड विधायक संजीव सिंह ने कहा कि स्कूल की तुलना मॉल और दुकान करना बिल्कुल ठीक नहीं है। आप शिक्षक हैं आपका समाज में सम्माजनक स्थान है। स्कूल वह स्थान हैं जहां से मॉल और दुकान का निर्माण करने वाले निकलते हैं। यहां बता दें कि आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष भरत पटेल ने अपने उदबोधन के दौरान सीएम राइजिंग स्कूल की तुलना मॉल और शासकीय स्कूलों की तुलना छोटी दुकान से की थी। विधायक संजीव सिंह ने कहा कि जहां तक उनकी जानकारी में हैं सरकार पुराने स्कूल बंद नहीं करना चाहती है। यह जरूर हो सकता है कि कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को इनमें मर्ज कर दिया जाए। लेकिन इनमें शिक्षक आप ही रहेंगे।
मांगों को लेकर दिया ज्ञापन
आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के बैनर से शिक्षकों ने अपनी समस्याओं जैसे रुका हुआ महंगाई भत्ता, वेतन वृद्धि, समयमान, वेतनमान, क्रमोन्नति, उच्च शिक्षकों को प्राचार्य बनाए जाने, पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू किए जाने आदि लेकर ज्ञापन दिया। ज्ञापन में शिक्षकों की वरिष्ठता बरकरार रखे जाने और शिक्षकों की दक्षता परीक्षा पर रोक लगाने की मांग की।