सरकार के आदेश दरकिनार: नवीन कन्या स्कूल में 10वीं और 12वीं की छात्राओं की लग रही कक्षाएं,बगल में बैठने वाले डीईओ बोले जानकारी नहीं

सरकार के आदेश दरकिनार: नवीन कन्या स्कूल में 10वीं और 12वीं की छात्राओं की लग रही कक्षाएं,बगल में बैठने वाले डीईओ बोले जानकारी नहीं


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भाेपालएक घंटा पहले

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नवीन कन्या स्कूल तुलसी नगर में सोमवार को 10वीं और 12वीं कक्षाओं की छात्राओं को कक्षाएं लगाने के लिए बुलाया गया

  • सरकार ने स्कूल-कॉलेज 31 मार्च तक बंद करने के आदेश दिए

मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए लॉकडाउन से लेकर कई प्रकार की सख्ती की जा रही है। इसके तहत ही राजधानी में 31 मार्च तक स्कूल बंद करने के आदेश जारी किए गए है। इसके बावजूद भोपाल डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर (डीईओ) कार्यालय के बगल में स्थित शासकीय नवीन कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल तुलसी नगर में 10वीं और 12वीं की होस्टल में रहने वाली छात्राओं की कक्षाएं लगाई जा रही है। इस मामले में स्कूल की प्राचार्या वंदना शुक्ला का कहना है कि बाहर की छात्राएं नहीं आ रही है। उन्होंने सिर्फ होस्टल में रहने वाली छात्राओं को शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने के लिए स्कूल आने की अनुमति दी है। वहीं, सरकार और भोपाल लेक्टर के आदेशों को दर किनार कर लगाई जा रही कक्षाओं के संबंध में डीईओ नितिन सक्सेना का कहना है कि उनको कोई जानकारी नहीं है।

नवीन कन्या स्कूल में सोमवार को 10वीं और 12वीं कक्षाओं की छात्राओं को कक्षाएं लगाने के लिए बुलाया गया था। छात्राओं ने बताया कि उनको 11 बजे बुलाया गया था। सोमवार दोपहर 12 बजे छात्राएं कक्षाओं के बाहर बरामदे में खड़ी नजर आई। यहां पर कुछ छात्राओं ने मास्क भी नहीं पहना हुआ था। सोशल डिस्टेसिंग के नियमों का भी पालन नहीं होता दिखा। छात्राएं एक दूसरे के पास ही खड़ी नजर आई।

प्राचार्या बोली-

छात्राओं को मार्गदर्शन के लिए स्कूल बुलाया

नवीन कन्या स्कूल तुलसी नगर की प्राचार्या वंदना शुक्ला का कहना है कि स्कूल बंद होने के संबंध में जानकारी है। हमने बाहरी छात्राओं को स्कूल नहीं बुलाया। हॉस्टल में रहने वाली छात्राएं शिक्षकों से मार्गदर्शन चाहती है। इसलिए उनको स्कूल बुलाया। वह पढ़ाई करने के लिए हॉस्टल में रूकी है। स्कूल में कोविड प्रावधानों का पूरा पालन किया जा रहा है। हॉस्टल में छोटे छोटे कमरे है। स्कूल में स्पेश ज्यादा होने से सोशल डिस्टेंसिंग का अच्छे से पालन किया जा सकता है। कक्षाओं को सेनिटाइज किया जा रहा था। इसलिए बच्चे बाहर बरामदे में खड़े थे।

मुझे जानकारी नहीं

वहीं, डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर नितिन सक्सेना का कहना है कि उन्हें कक्षा लगने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इसके बारे में पता करना पड़ेगा।

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