अगले साल तक लागू हो जाएगा GPS बेस्ड टोल कलेक्शन, जानिए कैसे करेगा काम

अगले साल तक लागू हो जाएगा GPS बेस्ड टोल कलेक्शन, जानिए कैसे करेगा काम


अगले साल तक पूरे देश से खत्म हो जाएंगे टोल प्लाजा.

GPS बेस्ड टोल सिस्टम लागू हो जाता है, तो इसे प्रत्येक वाहन को जीपीएस वाहन ट्रैकिंग डिवाइस या ट्रांसपोंडर के साथ फिट करना होगा. वही से GPS इमेजिंग की मदद से आपके यात्रा के आधार पर आपका टोल कटा जायेगा.

नई दिल्ली. देश में FASTag के अनिवार्य होने के लगभग एक महीने बाद ही, 18 मार्च को, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में घोषणा की कि भारत के सभी टोल बूथों को एक साल के भीतर हटा दिया जाएगा और इसे न्यू GPS बेस्ड टोल कलेक्शन में पूरी तरह से बदल दिया जाएगा. दूसरी ओर सदन में बहुजन समाज पार्टी(BSP) के सांसद दानिश अली ने सवाल किया कि, ‘देश में नेशनल हाईवे के हर 60 किमी पर टोल होता है लेकिन, मेरे चुनाव क्षेत्र में 40 किमी पर टोल बूथ आते है’.

इसके जवाब में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री गडकरी ने कहा कि हम जानते है ये असंगति देश के कई क्षेत्रों में है, जो कि गलत है. और मैं संसद को निश्चित करना चाहता हूं कि, एक साल के अंदर हम सभी टोल बूथ को हटा देंगे. मतलब अब टोल ऑनलाइन इमेजिंग कि मदद से GPS से लिया जायेगा.

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सभी टोल बूथ होंगे खत्मगवर्नमेंट ने कई वर्षों के अथक प्रयास के बाद FAStag को संभव बनाने का सफल प्रयास किया और इसे अनिवार्य बना दिया गया. वास्तव में, 93 प्रतिशत मौजूदा वाहन अब FASTag का उपयोग करके टोल का भुगतान करते हैं. जो कि FAStag स्कीम के सफल होने की ओर इशारा करता है, लेकिन इतने सफल टोल स्कीम होने के बावजूद क्यों इसे साल के अंदर रिप्लेस करने की बात हो रही है.

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GPS बेस्ड टोल कैसे काम करेगी ?
यदि GPS बेस्ड टोल सिस्टम लागू हो जाता है, तो इसे प्रत्येक वाहन को जीपीएस वाहन ट्रैकिंग डिवाइस या ट्रांसपोंडर के साथ फिट करना होगा. वही से GPS इमेजिंग की मदद से आपके यात्रा के आधार पर आपका टोल कटा जायेगा. इसके साथ ही GPS टोल कलेक्शन करने के लिए जीपीएस ट्रैकिंग का उपयोग करने से, आपके जर्नी के सभी डिटेल्स को ट्रैक किया जा सकता है.








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