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- Two Miscreants Aboard Scooty Were Shot Outside Sihora Court, In Protest, The Advocate, Who Was On Judicial Work On 23 March, Submitted A Memorandum To The SP
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जबलपुर5 मिनट पहले
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अधिवक्ता सूर्यभान सिंह के पेट में मारी गई थी गोली।
- छह महीने पहले अधिवक्ता के पिता ने मदना निवासी युवक की रेत वर्चस्व में कर दी थी हत्या
- तीन लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज, एसपी ने 10 हजार का इनाम घोषित किया
सिहोरा कोर्ट के सामने सोमवार शाम को सरेआम दो बदमाशों ने कटंगी क्षेत्र के गनियारी निवासी सूर्यभान सिंह (32) को गोली मार दी थी। देर रात अधिवक्ता के पेट का ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने गोली निकाल दी है। मामले में सिहोरा पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज करते हुए एक आरोपी को दबोच लिया है। मंगलवार को इस वारदात के विरोध में जबलपुर जिला बार एसोसिएशन और सिहोरा कोर्ट के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। दोनों ही स्थानों पर ज्ञापन भी सौंपा गया।
जानकारी के अनुसार अधिवक्ता सूर्यभान सिंह के पिता उजियार सिंह ने 30 सितंबर 2020 को मदना निवासी विकास सिंह की हत्या कर दी थी। रेत वर्चस्व को लेकर अंजाम दिए गए उस हत्याकांड में सूर्यभान सिंह भी आरोपी बना था। पर बाद में पुलिस विवेचना में उसका नाम निकल गया था।
सूर्यभान का नाम शामिल करने कोर्ट ने दिया था आदेश
हालांकि सूर्यभान का नाम फिर से शामिल कराने के लिए विकास के बाबा सुशील सिंह और चाचा राहुल व राजकिशोर सिहोरा कोर्ट में लगातार पैरवी कर रहे थे। विकास की हत्या में जेल में बंद उजियार सिंह, उसके बेटे चंद्रभान सिंह उर्फ छुट्टन सिंह और ड्राइवर जोगिंदर की जमानत मामले में सोमवार को सूर्यभान सिंह सिहोरा कोर्ट गया था। वहां सुशील सिंह की ओर से अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया था।
सीसीटीवी में स्कूटी सवार बदमाश कैद मिले, उनकी तलाश जारी है।
शाम छह बजे कोर्ट के बाहर निकलते ही नकाबपोश बदमाश ने मारी थी गोली
शाम छह बजे के लगभग कोर्ट से निकलते ही स्कूटी सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने सिहोरा सिविल कोर्ट के पुराने बंद हो चुके गेट के सामने गोली मार दी थी, जो उसके पेट में लगी थी। वारदात को अंजाम देकर दोनों बदमाश जबलपुर की ओर तेजी से फरार हो गए थे। बदमाशों की पहचान नहीं हो पाई थी। यहां तक कि पुलिस को जो सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, उसे भी दाेनों बदमाशों की पहचान नहीं हो पा रही है।
देर रात सूर्यभान सिंह की ओर से नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई
शहर के निजी अस्पताल में सूर्यभान सिंह का ऑपरेशन हुआ। चिकित्सक गोली निकाल चुके हैं। अब सूर्यभान की हालत खतरे से बाहर है। इस मामले में सूर्यभान की ओर से साथी अधिवक्ता ने मदना निवासी विकास सिंह के बाबा सुशील सिंह और दो चाचा राहुल व राजकिशोर के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कराया है।
पुलिस ने मदना से सुशील सिंह को हिरासत में ले लिया है। अन्य दो आरोपियों की तलाश जारी है। एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने मंगलवार को आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10 हजार का इनाम घोषित किया है। हालांकि नकाबपोश स्कूटी सवार बदमाशों को लेकर पेंच फंसा हुआ है।
सिहोरा में अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन।
अधिवक्ताओं ने कार्य से विरत रहकर सौंपा ज्ञापन
मंगलवार को जबलपुर जिला बार एसोसिएशन और सिहोरा कोर्ट के अधिवक्ताओं ने कार्य से विरत रहकर विरोध जताया। जिला बार एसोसिएशन ने एसपी को ज्ञापन सौंपा। मांग की कि प्रकरण में आरोपियों को तीन दिन में गिरफ्तार करें। एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की।
सिहोरा कोर्ट परिसर में अस्थाई चौकी खोली जाए। सिहोरा कोर्ट परिसर और आसपास अवैध अतिक्रमण को खाली कराया जाए। मप्र राज्य अधिवक्ता परिषद ने भी इस घटना की निंदा करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। सीएम से लंबित एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट शीघ्र लागू करने की मांग की।
30 सितंबर 2020 को हुई विकास सिंह की हत्या का बताया जा रहा बदलापुर
अधिवक्ता सूर्यभान सिंह पर हुए इस जानलेवा वार को 30 सितंबर 2020 को इंद्राना में हुई मदना निवासी विकास सिंह (31) की गोली मारकर की गई हत्या वाली वारदात से जोड़कर देखा जा रहा है। तब अधिवक्ता सूर्यभान सिंह के पिता उजियार सिंह ने रेत वर्चस्व में विकास सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
वहीं विकास के बहनोई कोनीकला पड़रिया निवासी प्रशांत सिंह भी घायल हुआ था। मामले में पुलिस ने उजियार सिंह, उसके बेटे सूर्यभान व छुट्टू सिंह, ड्राइवर जोगिंदर उर्फ बबलू को आरोपी बनाया था। बाद में सूर्यभान का नाम पुलिस ने निकाल दिया था। हालांकि कोर्ट के आदेश पर सूर्यभान का नाम फिर से जुड़ गया था।
एक अलग एंगल भी आ रहा सामने
अधिवक्ता सूर्यभान सिंह को गोली लगने के मामले में एक और एंगल भी सामने आया है। हालांकि पुलिस इस एंगल पर फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। पुलिस ने मामले में पीड़ित पक्ष की शिकायत पर राजेश, राहुल व राजकिशोर के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। पर आरोपियों का मोबाइल टॉवर लोकेशन और सीडीआर कुछ और ही इशारा कर रही है। टॉवर लोकेशन में राजकिशोर की मौजूदगी जहां मदना बताया गया है। वहीं राहुल के जबलपुर में होने की बात सामने आई है।
अब पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कहीं अपना मोबाइल तो रखकर नहीं गए थे। हालांकि नामजद आरोपियों और वारदात के बाद घटनास्थल से भाग रहे आरोपियों के हुलिए में भी कोई समानता नजर नहीं आ रही है। अब पुलिस का सारा जोर स्कूटी सवार नकाबपोशों पर टिकी है। उनकी गिरफ्तारी के बाद मामले में नया एंगल सामने आने की बात कही जा रही है।
अधिवक्ताओं ने एएसपी शिवेश सिंह को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।